21 अगस्त 2028 को दोहा का पंचांग

सोमवार, 21 अगस्त 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 21 अगस्त 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (09:59 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (02:04, 22 अग॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:10 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है। राहुकाल 06:46 से 08:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:10 – 18:03
रात 05:10 तक
तिथि
प्रतिपदा, 09:59 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 02:04 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अगस्त 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 09:59 तक
शुक्ल द्वितीया 06:14, 22 अग॰ तक
नक्षत्र
योग
शिव 18:25 तक
सिद्ध 14:17, 22 अग॰ तक
करण
बव 09:59 तक
बालव 20:06 तक
कौलव 06:14, 22 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:10
सूर्यास्त
18:03
चंद्रोदय
05:59
चंद्रास्त
18:36
दिनमान
12h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:41 – 04:25
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 12:02

अशुभ समय

राहुकाल
06:46 – 08:23
यमगंड
10:00 – 11:36
गुलिक काल
13:13 – 14:50

21 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:10 – 06:46शुभ
काल06:46 – 08:23टालें
शुभ08:23 – 10:00शुभ
रोग10:00 – 11:36टालें
उद्वेग11:36 – 13:13टालें
चर13:13 – 14:50सामान्य
लाभ14:50 – 16:26शुभ
अमृत16:26 – 18:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:03 – 19:26सामान्य
रोग19:26 – 20:50टालें
काल20:50 – 22:13टालें
लाभ22:13 – 23:36शुभ
उद्वेग23:36 – 01:00टालें
शुभ01:00 – 02:23शुभ
अमृत02:23 – 03:47शुभ
चर03:47 – 05:10सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1006:14दिन
शनि06:1407:19दिन
गुरु07:1908:23दिन
मंगल08:2309:27दिन
सूर्य09:2710:32दिन
शुक्र10:3211:36दिन
बुध11:3612:41दिन
चंद्र12:4113:45दिन
शनि13:4514:50दिन
गुरु14:5015:54दिन
मंगल15:5416:58दिन
सूर्य16:5818:03दिन
शुक्र18:0318:58रात
बुध18:5819:54रात
चंद्र19:5420:50रात
शनि20:5021:45रात
गुरु21:4522:41रात
मंगल22:4123:36रात
सूर्य23:3600:32रात
शुक्र00:3201:28रात
बुध01:2802:23रात
चंद्र02:2303:19रात
शनि03:1904:15रात
गुरु04:1505:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
8 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2571° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।