9 नवंबर 2029 को दोहा का पंचांग

शुक्रवार, 9 नवंबर 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 9 नवंबर 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (18:33 तक), नक्षत्र मूल (22:05 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 16:48 पर है। राहुकाल 09:54 से 11:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 16:48
रात 05:47 तक
तिथि
चतुर्थी, 18:33 तक
पंचमी
नक्षत्र
मूल, 22:05 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 18:33 तक
शुक्ल पंचमी 16:44, 10 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 22:05 तक
पूर्वाषाढ़ा 21:06, 10 नव॰ तक
योग
सुकर्मा 16:44 तक
धृति 14:01, 10 नव॰ तक
करण
वणिज 07:43 तक
विष्टि (भद्रा) 18:33 तक
बव 05:33, 10 नव॰ तक
बालव 16:44, 10 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
16:48
चंद्रोदय
09:05
चंद्रास्त
19:59
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
10:55 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
09:54 – 11:17
यमगंड
14:02 – 15:25
गुलिक काल
07:09 – 08:32

9 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:46 – 07:09सामान्य
लाभ07:09 – 08:32शुभ
अमृत08:32 – 09:54शुभ
काल09:54 – 11:17टालें
शुभ11:17 – 12:40शुभ
रोग12:40 – 14:02टालें
उद्वेग14:02 – 15:25टालें
चर15:25 – 16:48सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:48 – 18:25टालें
काल18:25 – 20:03टालें
लाभ20:03 – 21:40शुभ
उद्वेग21:40 – 23:17टालें
शुभ23:17 – 00:55शुभ
अमृत00:55 – 02:32शुभ
चर02:32 – 04:10सामान्य
रोग04:10 – 05:47टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4606:41दिन
बुध06:4107:37दिन
चंद्र07:3708:32दिन
शनि08:3209:27दिन
गुरु09:2710:22दिन
मंगल10:2211:17दिन
सूर्य11:1712:12दिन
शुक्र12:1213:07दिन
बुध13:0714:02दिन
चंद्र14:0214:58दिन
शनि14:5815:53दिन
गुरु15:5316:48दिन
मंगल16:4817:53रात
सूर्य17:5318:58रात
शुक्र18:5820:03रात
बुध20:0321:08रात
चंद्र21:0822:12रात
शनि22:1223:17रात
गुरु23:1700:22रात
मंगल00:2201:27रात
सूर्य01:2702:32रात
शुक्र02:3203:37रात
बुध03:3704:42रात
चंद्र04:4205:47रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2741° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।