24 नवंबर 2029 को दोहा का पंचांग

शनिवार, 24 नवंबर 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 24 नवंबर 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (13:14 तक), नक्षत्र आर्द्रा (00:39, 25 नव॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 16:43 पर है। राहुकाल 08:38 से 09:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 16:43
रात 05:58 तक
तिथि
तृतीया, 13:14 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आर्द्रा, 00:39 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 13:14 तक
कृष्ण चतुर्थी 14:35, 25 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 00:39, 25 नव॰ तक
पुनर्वसु 02:18, 26 नव॰ तक
योग
साध्य 15:09 तक
शुभ 15:02, 25 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:14 तक
बव 01:58, 25 नव॰ तक
बालव 14:35, 25 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
16:43
चंद्रोदय
19:25
चंद्रास्त
08:30
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:42

अशुभ समय

राहुकाल
08:38 – 09:59
यमगंड
12:41 – 14:02
गुलिक काल
05:57 – 07:18

24 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:57 – 07:18टालें
शुभ07:18 – 08:38शुभ
रोग08:38 – 09:59टालें
उद्वेग09:59 – 11:20टालें
चर11:20 – 12:41सामान्य
लाभ12:41 – 14:02शुभ
अमृत14:02 – 15:22शुभ
काल15:22 – 16:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:43 – 18:22शुभ
उद्वेग18:22 – 20:02टालें
शुभ20:02 – 21:41शुभ
अमृत21:41 – 23:20शुभ
चर23:20 – 01:00सामान्य
रोग01:00 – 02:39टालें
काल02:39 – 04:18टालें
लाभ04:18 – 05:58शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5706:51दिन
गुरु06:5107:45दिन
मंगल07:4508:38दिन
सूर्य08:3809:32दिन
शुक्र09:3210:26दिन
बुध10:2611:20दिन
चंद्र11:2012:14दिन
शनि12:1413:08दिन
गुरु13:0814:02दिन
मंगल14:0214:55दिन
सूर्य14:5515:49दिन
शुक्र15:4916:43दिन
बुध16:4317:49रात
चंद्र17:4918:56रात
शनि18:5620:02रात
गुरु20:0221:08रात
मंगल21:0822:14रात
सूर्य22:1423:20रात
शुक्र23:2000:27रात
बुध00:2701:33रात
चंद्र01:3302:39रात
शनि02:3903:45रात
गुरु03:4504:51रात
मंगल04:5105:58रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
9 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 दिस॰ 2029धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
18 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2747° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।