26 नवंबर 2028 को दुबई का पंचांग

रविवार, 26 नवंबर 2028, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

रविवार, 26 नवंबर 2028 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (22:29 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (07:28 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 16:07 से 17:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 17:28
रात 06:44 तक
तिथि
दशमी, 22:29 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 नवंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल दशमी 22:29 तक
शुक्ल एकादशी 00:48, 28 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 10:21, 27 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 19:37 तक
सिद्धि 20:19, 27 नव॰ तक
करण
तैतिल 09:15 तक
गर 22:29 तक
वणिज 11:41, 27 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
13:41
चंद्रास्त
01:34
दिनमान
10h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
16:07 – 17:28
यमगंड
12:06 – 13:26
गुलिक काल
14:47 – 16:07

26 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:43 – 08:04टालें
चर08:04 – 09:25सामान्य
लाभ09:25 – 10:45शुभ
अमृत10:45 – 12:06शुभ
काल12:06 – 13:26टालें
शुभ13:26 – 14:47शुभ
रोग14:47 – 16:07टालें
उद्वेग16:07 – 17:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:28 – 19:08शुभ
अमृत19:08 – 20:47शुभ
चर20:47 – 22:27सामान्य
रोग22:27 – 00:06टालें
काल00:06 – 01:46टालें
लाभ01:46 – 03:25शुभ
उद्वेग03:25 – 05:05टालें
शुभ05:05 – 06:44शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4307:37दिन
शुक्र07:3708:31दिन
बुध08:3109:25दिन
चंद्र09:2510:18दिन
शनि10:1811:12दिन
गुरु11:1212:06दिन
मंगल12:0612:59दिन
सूर्य12:5913:53दिन
शुक्र13:5314:47दिन
बुध14:4715:41दिन
चंद्र15:4116:34दिन
शनि16:3417:28दिन
गुरु17:2818:34रात
मंगल18:3419:41रात
सूर्य19:4120:47रात
शुक्र20:4721:53रात
बुध21:5323:00रात
चंद्र23:0000:06रात
शनि00:0601:12रात
गुरु01:1202:19रात
मंगल02:1903:25रात
सूर्य03:2504:31रात
शुक्र04:3105:38रात
बुध05:3806:44रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 नव॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 नव॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 दिस॰ 2028मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
5 दिस॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 दिस॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 दिस॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 दिस॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 दिस॰ 2028पौष अमावस्याअमावस्या
15 दिस॰ 2028धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
19 दिस॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2608° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।