13 जनवरी 2029 को दुबई का पंचांग

शनिवार, 13 जनवरी 2029, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

शनिवार, 13 जनवरी 2029 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (21:17 तक), नक्षत्र मूल (13:34 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:06 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 09:46 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 07:06 – 17:49
रात 07:06 तक
तिथि
चतुर्दशी, 21:17 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मूल, 13:34 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 21:17 तक
अमावस्या 21:24, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 13:34 तक
पूर्वाषाढ़ा 14:07, 14 जन॰ तक
योग
ध्रुव 09:15 तक
व्याघातअशुभ 07:57, 14 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:23 तक
शकुनि 21:17 तक
चतुष्पद 09:17, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:06
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
05:52
चंद्रास्त
16:38
दिनमान
10h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
09:46 – 11:07
यमगंड
13:48 – 15:08
गुलिक काल
07:06 – 08:26

13 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:06 – 08:26टालें
शुभ08:26 – 09:46शुभ
रोग09:46 – 11:07टालें
उद्वेग11:07 – 12:27टालें
चर12:27 – 13:48सामान्य
लाभ13:48 – 15:08शुभ
अमृत15:08 – 16:28शुभ
काल16:28 – 17:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:49 – 19:28शुभ
उद्वेग19:28 – 21:08टालें
शुभ21:08 – 22:48शुभ
अमृत22:48 – 00:27शुभ
चर00:27 – 02:07सामान्य
रोग02:07 – 03:46टालें
काल03:46 – 05:26टालें
लाभ05:26 – 07:06शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0607:59दिन
गुरु07:5908:53दिन
मंगल08:5309:46दिन
सूर्य09:4610:40दिन
शुक्र10:4011:34दिन
बुध11:3412:27दिन
चंद्र12:2713:21दिन
शनि13:2114:14दिन
गुरु14:1415:08दिन
मंगल15:0816:02दिन
सूर्य16:0216:55दिन
शुक्र16:5517:49दिन
बुध17:4918:55रात
चंद्र18:5520:02रात
शनि20:0221:08रात
गुरु21:0822:14रात
मंगल22:1423:21रात
सूर्य23:2100:27रात
शुक्र00:2701:34रात
बुध01:3402:40रात
चंद्र02:4003:46रात
शनि03:4604:53रात
गुरु04:5305:59रात
मंगल05:5907:06रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2626° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।