22 जनवरी 2029 को दुबई का पंचांग

सोमवार, 22 जनवरी 2029, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

सोमवार, 22 जनवरी 2029 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (10:13 तक), नक्षत्र अश्विनी (08:26, 23 जन॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 08:26 से 09:47 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 17:56
रात 07:04 तक
तिथि
सप्तमी, 10:13 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 10:13 तक
शुक्ल अष्टमी 12:27, 23 जन॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 08:26, 23 जन॰ तक
योग
सिद्ध 09:19 तक
साध्य 09:56, 23 जन॰ तक
करण
वणिज 10:13 तक
विष्टि (भद्रा) 23:23 तक
बव 12:27, 23 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
11:14
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
08:26 – 09:47
यमगंड
11:09 – 12:30
गुलिक काल
13:52 – 15:13

22 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:05 – 08:26शुभ
काल08:26 – 09:47टालें
शुभ09:47 – 11:09शुभ
रोग11:09 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 13:52टालें
चर13:52 – 15:13सामान्य
लाभ15:13 – 16:34शुभ
अमृत16:34 – 17:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:56 – 19:34सामान्य
रोग19:34 – 21:13टालें
काल21:13 – 22:51टालें
लाभ22:51 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 02:09टालें
शुभ02:09 – 03:47शुभ
अमृत03:47 – 05:26शुभ
चर05:26 – 07:04सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0507:59दिन
शनि07:5908:53दिन
गुरु08:5309:47दिन
मंगल09:4710:42दिन
सूर्य10:4211:36दिन
शुक्र11:3612:30दिन
बुध12:3013:24दिन
चंद्र13:2414:19दिन
शनि14:1915:13दिन
गुरु15:1316:07दिन
मंगल16:0717:01दिन
सूर्य17:0117:56दिन
शुक्र17:5619:01रात
बुध19:0120:07रात
चंद्र20:0721:13रात
शनि21:1322:19रात
गुरु22:1923:24रात
मंगल23:2400:30रात
सूर्य00:3001:36रात
शुक्र01:3602:41रात
बुध02:4103:47रात
चंद्र03:4704:53रात
शनि04:5305:59रात
गुरु05:5907:04रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
13 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2630° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।