12 अक्टूबर 2025 को जॉर्जटाउन का पंचांग

रविवार, 12 अक्टूबर 2025, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

रविवार, 12 अक्टूबर 2025 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (02:54, 13 अक्टू॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (02:57, 13 अक्टू॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 16:08 से 17:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 17:38
रात 05:39 तक
तिथि
सप्तमी, 02:54 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 02:57 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 02:54, 13 अक्टू॰ तक
कृष्ण अष्टमी 01:40, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 02:57, 13 अक्टू॰ तक
पुनर्वसु 02:24, 14 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 22:40 तक
शिव 20:25, 13 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:46 तक
बव 02:54, 13 अक्टू॰ तक
बालव 14:12, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
23:05
चंद्रास्त
11:03
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:02

अशुभ समय

राहुकाल
16:08 – 17:38
यमगंड
11:38 – 13:08
गुलिक काल
14:38 – 16:08

12 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:39 – 07:09टालें
चर07:09 – 08:39सामान्य
लाभ08:39 – 10:09शुभ
अमृत10:09 – 11:38शुभ
काल11:38 – 13:08टालें
शुभ13:08 – 14:38शुभ
रोग14:38 – 16:08टालें
उद्वेग16:08 – 17:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:38 – 19:08शुभ
अमृत19:08 – 20:38शुभ
चर20:38 – 22:08सामान्य
रोग22:08 – 23:38टालें
काल23:38 – 01:09टालें
लाभ01:09 – 02:39शुभ
उद्वेग02:39 – 04:09टालें
शुभ04:09 – 05:39शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3906:39दिन
शुक्र06:3907:39दिन
बुध07:3908:39दिन
चंद्र08:3909:39दिन
शनि09:3910:39दिन
गुरु10:3911:38दिन
मंगल11:3812:38दिन
सूर्य12:3813:38दिन
शुक्र13:3814:38दिन
बुध14:3815:38दिन
चंद्र15:3816:38दिन
शनि16:3817:38दिन
गुरु17:3818:38रात
मंगल18:3819:38रात
सूर्य19:3820:38रात
शुक्र20:3821:38रात
बुध21:3822:38रात
चंद्र22:3823:38रात
शनि23:3800:38रात
गुरु00:3801:39रात
मंगल01:3902:39रात
सूर्य02:3903:39रात
शुक्र03:3904:39रात
बुध04:3905:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 अक्टू॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अक्टू॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
17 अक्टू॰ 2025तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2025कार्तिक अमावस्याअमावस्या
25 अक्टू॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
1 नव॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
3 नव॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
5 नव॰ 2025कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
8 नव॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2172° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।