3 मार्च 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

मंगलवार, 3 मार्च 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

मंगलवार, 3 मार्च 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (07:37 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (22:09 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 15:04 से 16:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 18:04
रात 06:03 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 22:09 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 07:37 तक
कृष्ण प्रतिपदा 07:19, 4 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 22:47, 4 मार्च तक
योग
धृति 23:22 तक
शूलअशुभ 22:15, 4 मार्च तक
करण
बव 07:37 तक
बालव 19:24 तक
कौलव 07:19, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 04:15, 4 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
18:22
चंद्रास्त
06:03
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
15:04 – 16:34
यमगंड
09:04 – 10:34
गुलिक काल
12:04 – 13:34

3 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:04 – 07:34टालें
उद्वेग07:34 – 09:04टालें
चर09:04 – 10:34सामान्य
लाभ10:34 – 12:04शुभ
अमृत12:04 – 13:34शुभ
काल13:34 – 15:04टालें
शुभ15:04 – 16:34शुभ
रोग16:34 – 18:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:04 – 19:34टालें
लाभ19:34 – 21:04शुभ
उद्वेग21:04 – 22:34टालें
शुभ22:34 – 00:04शुभ
अमृत00:04 – 01:34शुभ
चर01:34 – 03:04सामान्य
रोग03:04 – 04:34टालें
काल04:34 – 06:03टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0407:04दिन
सूर्य07:0408:04दिन
शुक्र08:0409:04दिन
बुध09:0410:04दिन
चंद्र10:0411:04दिन
शनि11:0412:04दिन
गुरु12:0413:04दिन
मंगल13:0414:04दिन
सूर्य14:0415:04दिन
शुक्र15:0416:04दिन
बुध16:0417:04दिन
चंद्र17:0418:04दिन
शनि18:0419:04रात
गुरु19:0420:04रात
मंगल20:0421:04रात
सूर्य21:0422:04रात
शुक्र22:0423:04रात
बुध23:0400:04रात
चंद्र00:0401:04रात
शनि01:0402:04रात
गुरु02:0403:04रात
मंगल03:0404:04रात
सूर्य04:0405:04रात
शुक्र05:0406:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2226° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।