25 सितंबर 2026 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शुक्रवार, 25 सितंबर 2026, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (13:37 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (02:02, 26 सित॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 10:13 से 11:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 17:46
रात 05:41 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:37 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 02:02 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 सितंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 13:37 तक
पूर्णिमा 12:48, 26 सित॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 02:02, 26 सित॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 01:38, 27 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 03:47, 26 सित॰ तक
वृद्धि 01:47, 27 सित॰ तक
करण
वणिज 13:37 तक
विष्टि (भद्रा) 01:17, 26 सित॰ तक
बव 12:49, 26 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 20:03 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
17:04
चंद्रास्त
04:38
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
10:13 – 11:44
यमगंड
14:45 – 16:16
गुलिक काल
07:12 – 08:42

25 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:41 – 07:12सामान्य
लाभ07:12 – 08:42शुभ
अमृत08:42 – 10:13शुभ
काल10:13 – 11:44टालें
शुभ11:44 – 13:14शुभ
रोग13:14 – 14:45टालें
उद्वेग14:45 – 16:16टालें
चर16:16 – 17:46सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:46 – 19:16टालें
काल19:16 – 20:45टालें
लाभ20:45 – 22:14शुभ
उद्वेग22:14 – 23:44टालें
शुभ23:44 – 01:13शुभ
अमृत01:13 – 02:42शुभ
चर02:42 – 04:11सामान्य
रोग04:11 – 05:41टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4106:41दिन
बुध06:4107:42दिन
चंद्र07:4208:42दिन
शनि08:4209:43दिन
गुरु09:4310:43दिन
मंगल10:4311:44दिन
सूर्य11:4412:44दिन
शुक्र12:4413:45दिन
बुध13:4514:45दिन
चंद्र14:4515:46दिन
शनि15:4616:46दिन
गुरु16:4617:46दिन
मंगल17:4618:46रात
सूर्य18:4619:46रात
शुक्र19:4620:45रात
बुध20:4521:45रात
चंद्र21:4522:44रात
शनि22:4423:44रात
गुरु23:4400:43रात
मंगल00:4301:43रात
सूर्य01:4302:42रात
शुक्र02:4203:42रात
बुध03:4204:41रात
चंद्र04:4105:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 सित॰ 2026भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
29 सित॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
6 अक्टू॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
8 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
10 अक्टू॰ 2026आश्विन अमावस्याअमावस्या
14 अक्टू॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2026तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
21 अक्टू॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2305° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।