15 जनवरी 2028 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शनिवार, 15 जनवरी 2028, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शनिवार, 15 जनवरी 2028 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (10:41 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (23:44 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 09:05 से 10:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 17:55
रात 06:09 तक
तिथि
चतुर्थी, 10:41 तक
पंचमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 23:44 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 10:41 तक
कृष्ण पंचमी 07:57, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
सौभाग्य 16:40 तक
शोभन 13:18, 16 जन॰ तक
करण
बालव 10:41 तक
कौलव 21:15 तक
तैतिल 07:57, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 05:16, 16 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
21:28
चंद्रास्त
09:04
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
09:05 – 10:33
यमगंड
13:30 – 14:58
गुलिक काल
06:08 – 07:37

15 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:08 – 07:37टालें
शुभ07:37 – 09:05शुभ
रोग09:05 – 10:33टालें
उद्वेग10:33 – 12:01टालें
चर12:01 – 13:30सामान्य
लाभ13:30 – 14:58शुभ
अमृत14:58 – 16:26शुभ
काल16:26 – 17:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:55 – 19:26शुभ
उद्वेग19:26 – 20:58टालें
शुभ20:58 – 22:30शुभ
अमृत22:30 – 00:02शुभ
चर00:02 – 01:33सामान्य
रोग01:33 – 03:05टालें
काल03:05 – 04:37टालें
लाभ04:37 – 06:09शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0807:07दिन
गुरु07:0708:06दिन
मंगल08:0609:05दिन
सूर्य09:0510:04दिन
शुक्र10:0411:03दिन
बुध11:0312:01दिन
चंद्र12:0113:00दिन
शनि13:0013:59दिन
गुरु13:5914:58दिन
मंगल14:5815:57दिन
सूर्य15:5716:56दिन
शुक्र16:5617:55दिन
बुध17:5518:56रात
चंद्र18:5619:57रात
शनि19:5720:58रात
गुरु20:5821:59रात
मंगल21:5923:00रात
सूर्य23:0000:02रात
शुक्र00:0201:03रात
बुध01:0302:04रात
चंद्र02:0403:05रात
शनि03:0504:06रात
गुरु04:0605:07रात
मंगल05:0706:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2487° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।