22 सितंबर 2029 को जॉर्जटाउन का पंचांग

शनिवार, 22 सितंबर 2029, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

शनिवार, 22 सितंबर 2029 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (12:29 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (07:51 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 08:43 से 10:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 17:48
रात 05:41 तक
तिथि
पूर्णिमा, 12:29 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 12:29 तक
कृष्ण प्रतिपदा 14:29, 23 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 10:21, 23 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 16:07 तक
वृद्धि 16:42, 23 सित॰ तक
करण
बव 12:29 तक
बालव 01:27, 23 सित॰ तक
कौलव 14:29, 23 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
17:43
चंद्रास्त
05:26
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
08:43 – 10:14
यमगंड
13:15 – 14:46
गुलिक काल
05:41 – 07:12

22 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:41 – 07:12टालें
शुभ07:12 – 08:43शुभ
रोग08:43 – 10:14टालें
उद्वेग10:14 – 11:45टालें
चर11:45 – 13:15सामान्य
लाभ13:15 – 14:46शुभ
अमृत14:46 – 16:17शुभ
काल16:17 – 17:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:48 – 19:17शुभ
उद्वेग19:17 – 20:46टालें
शुभ20:46 – 22:15शुभ
अमृत22:15 – 23:45शुभ
चर23:45 – 01:14सामान्य
रोग01:14 – 02:43टालें
काल02:43 – 04:12टालें
लाभ04:12 – 05:41शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4106:42दिन
गुरु06:4207:42दिन
मंगल07:4208:43दिन
सूर्य08:4309:44दिन
शुक्र09:4410:44दिन
बुध10:4411:45दिन
चंद्र11:4512:45दिन
शनि12:4513:46दिन
गुरु13:4614:46दिन
मंगल14:4615:47दिन
सूर्य15:4716:47दिन
शुक्र16:4717:48दिन
बुध17:4818:47रात
चंद्र18:4719:47रात
शनि19:4720:46रात
गुरु20:4621:46रात
मंगल21:4622:45रात
सूर्य22:4523:45रात
शुक्र23:4500:44रात
बुध00:4401:43रात
चंद्र01:4302:43रात
शनि02:4303:42रात
गुरु03:4204:42रात
मंगल04:4205:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
22 सित॰ 2029भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2723° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।