20 अप्रैल 2029 को कोझिकोड का पंचांग

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2029, कोझिकोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2029 को कोझिकोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (13:30 तक), नक्षत्र आर्द्रा (16:46 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:38
रात 06:12 तक
तिथि
षष्ठी, 13:30 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 16:46 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 13:30 तक
शुक्ल सप्तमी 13:34, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 17:23, 21 अप्रैल तक
योग
सुकर्मा 04:46, 21 अप्रैल तक
धृति 03:23, 22 अप्रैल तक
करण
तैतिल 13:30 तक
गर 01:37, 21 अप्रैल तक
वणिज 13:34, 21 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
11:02
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:25
यमगंड
15:32 – 17:05
गुलिक काल
07:46 – 09:19

20 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:13 – 07:46सामान्य
लाभ07:46 – 09:19शुभ
अमृत09:19 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:25टालें
शुभ12:25 – 13:59शुभ
रोग13:59 – 15:32टालें
उद्वेग15:32 – 17:05टालें
चर17:05 – 18:38सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:38 – 20:05टालें
काल20:05 – 21:32टालें
लाभ21:32 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:25टालें
शुभ00:25 – 01:52शुभ
अमृत01:52 – 03:19शुभ
चर03:19 – 04:45सामान्य
रोग04:45 – 06:12टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1307:15दिन
बुध07:1508:17दिन
चंद्र08:1709:19दिन
शनि09:1910:21दिन
गुरु10:2111:23दिन
मंगल11:2312:25दिन
सूर्य12:2513:27दिन
शुक्र13:2714:30दिन
बुध14:3015:32दिन
चंद्र15:3216:34दिन
शनि16:3417:36दिन
गुरु17:3618:38दिन
मंगल18:3819:36रात
सूर्य19:3620:34रात
शुक्र20:3421:32रात
बुध21:3222:29रात
चंद्र22:2923:27रात
शनि23:2700:25रात
गुरु00:2501:23रात
मंगल01:2302:21रात
सूर्य02:2103:19रात
शुक्र03:1904:16रात
बुध04:1605:14रात
चंद्र05:1406:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 अप्रैल 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अप्रैल 2029चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
1 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
15 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां कोझिकोड में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2664° (लाहिड़ी)। समय कोझिकोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।