5 अप्रैल 2027 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 5 अप्रैल 2027, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 5 अप्रैल 2027 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (09:53 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (22:17 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 08:03 से 09:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:08
रात 06:38 तक
तिथि
त्रयोदशी, 09:53 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 22:17 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 09:53 तक
कृष्ण चतुर्दशी 10:10, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 22:53, 6 अप्रैल तक
योग
शुक्ल 14:17 तक
ब्रह्म 13:21, 6 अप्रैल तक
करण
वणिज 09:53 तक
विष्टि (भद्रा) 22:07 तक
शकुनि 10:10, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कुंभ 16:02 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
04:34
चंद्रास्त
17:00
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
08:03 – 09:29
यमगंड
10:56 – 12:22
गुलिक काल
13:49 – 15:15

5 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:37 – 08:03शुभ
काल08:03 – 09:29टालें
शुभ09:29 – 10:56शुभ
रोग10:56 – 12:22टालें
उद्वेग12:22 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:15सामान्य
लाभ15:15 – 16:41शुभ
अमृत16:41 – 18:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:08 – 19:42सामान्य
रोग19:42 – 21:15टालें
काल21:15 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:23शुभ
उद्वेग00:23 – 01:56टालें
शुभ01:56 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 05:04शुभ
चर05:04 – 06:38सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3707:34दिन
शनि07:3408:32दिन
गुरु08:3209:29दिन
मंगल09:2910:27दिन
सूर्य10:2711:25दिन
शुक्र11:2512:22दिन
बुध12:2213:20दिन
चंद्र13:2014:17दिन
शनि14:1715:15दिन
गुरु15:1516:13दिन
मंगल16:1317:10दिन
सूर्य17:1018:08दिन
शुक्र18:0819:10रात
बुध19:1020:13रात
चंद्र20:1321:15रात
शनि21:1522:18रात
गुरु22:1823:20रात
मंगल23:2000:23रात
सूर्य00:2301:25रात
शुक्र01:2502:28रात
बुध02:2803:30रात
चंद्र03:3004:33रात
शनि04:3305:35रात
गुरु05:3506:38रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
17 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
19 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
25 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 अप्रैल 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मई 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2378° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।