1 जनवरी 2029 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 1 जनवरी 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 1 जनवरी 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (02:23, 2 जन॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (10:20 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 20:45 पर है। राहुकाल 07:52 से 09:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 20:45
रात 06:02 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:23 तक
द्वितीया
नक्षत्र
आर्द्रा, 10:20 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 02:23, 2 जन॰ तक
कृष्ण द्वितीया 00:36, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 09:27, 2 जन॰ तक
योग
इंद्र 02:42, 2 जन॰ तक
वैधृतिअशुभ 00:02, 3 जन॰ तक
करण
बालव 15:09 तक
कौलव 02:23, 2 जन॰ तक
तैतिल 13:32, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 03:42, 2 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
20:45
चंद्रोदय
21:14
चंद्रास्त
06:10
दिनमान
14h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
12:54 – 13:53

अशुभ समय

राहुकाल
07:52 – 09:42
यमगंड
11:33 – 13:23
गुलिक काल
15:14 – 17:04

1 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:01 – 07:52शुभ
काल07:52 – 09:42टालें
शुभ09:42 – 11:33शुभ
रोग11:33 – 13:23टालें
उद्वेग13:23 – 15:14टालें
चर15:14 – 17:04सामान्य
लाभ17:04 – 18:54शुभ
अमृत18:54 – 20:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर20:45 – 21:55सामान्य
रोग21:55 – 23:04टालें
काल23:04 – 00:14टालें
लाभ00:14 – 01:23शुभ
उद्वेग01:23 – 02:33टालें
शुभ02:33 – 03:43शुभ
अमृत03:43 – 04:52शुभ
चर04:52 – 06:02सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0107:15दिन
शनि07:1508:28दिन
गुरु08:2809:42दिन
मंगल09:4210:56दिन
सूर्य10:5612:09दिन
शुक्र12:0913:23दिन
बुध13:2314:37दिन
चंद्र14:3715:50दिन
शनि15:5017:04दिन
गुरु17:0418:18दिन
मंगल18:1819:31दिन
सूर्य19:3120:45दिन
शुक्र20:4521:31रात
बुध21:3122:18रात
चंद्र22:1823:04रात
शनि23:0423:51रात
गुरु23:5100:37रात
मंगल00:3701:23रात
सूर्य01:2302:10रात
शुक्र02:1002:56रात
बुध02:5603:43रात
चंद्र03:4304:29रात
शनि04:2905:16रात
गुरु05:1606:02रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 जन॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
8 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
11 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2622° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।