25 अप्रैल 2029 को मेलबर्न का पंचांग

बुधवार, 25 अप्रैल 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

बुधवार, 25 अप्रैल 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (11:08 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (17:19 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 12:17 से 13:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 17:40
रात 06:56 तक
तिथि
एकादशी, 11:08 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 17:19 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 11:08 तक
शुक्ल द्वादशी 07:52, 26 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 14:43, 26 अप्रैल तक
योग
ध्रुव 20:42 तक
व्याघातअशुभ 16:45, 26 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:08 तक
बव 21:33 तक
बालव 07:52, 26 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 22:43 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
15:20
चंद्रास्त
02:45
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:39 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:17 – 13:38
यमगंड
08:16 – 09:36
गुलिक काल
10:57 – 12:17

25 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:55 – 08:16शुभ
अमृत08:16 – 09:36शुभ
काल09:36 – 10:57टालें
शुभ10:57 – 12:17शुभ
रोग12:17 – 13:38टालें
उद्वेग13:38 – 14:59टालें
चर14:59 – 16:19सामान्य
लाभ16:19 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:40 – 19:19टालें
शुभ19:19 – 20:59शुभ
अमृत20:59 – 22:38शुभ
चर22:38 – 00:18सामान्य
रोग00:18 – 01:57टालें
काल01:57 – 03:37टालें
लाभ03:37 – 05:16शुभ
उद्वेग05:16 – 06:56टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5507:49दिन
चंद्र07:4908:43दिन
शनि08:4309:36दिन
गुरु09:3610:30दिन
मंगल10:3011:24दिन
सूर्य11:2412:17दिन
शुक्र12:1713:11दिन
बुध13:1114:05दिन
चंद्र14:0514:59दिन
शनि14:5915:52दिन
गुरु15:5216:46दिन
मंगल16:4617:40दिन
सूर्य17:4018:46रात
शुक्र18:4619:52रात
बुध19:5220:59रात
चंद्र20:5922:05रात
शनि22:0523:11रात
गुरु23:1100:18रात
मंगल00:1801:24रात
सूर्य01:2402:31रात
शुक्र02:3103:37रात
बुध03:3704:43रात
चंद्र04:4305:50रात
शनि05:5006:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 अप्रैल 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अप्रैल 2029चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
2 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
15 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 मई 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2665° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।