13 अक्टूबर 2029 को मेलबर्न का पंचांग

शनिवार, 13 अक्टूबर 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शनिवार, 13 अक्टूबर 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (11:41 तक), नक्षत्र मूल (21:32 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 19:35 पर है। राहुकाल 09:52 से 11:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 19:35
रात 06:36 तक
तिथि
षष्ठी, 11:41 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मूल, 21:32 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 11:41 तक
शुक्ल सप्तमी 10:29, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:32 तक
पूर्वाषाढ़ा 21:19, 14 अक्टू॰ तक
योग
शोभन 17:00 तक
अतिगंडअशुभ 15:02, 14 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 11:41 तक
गर 23:00 तक
वणिज 10:29, 14 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
19:35
चंद्रोदय
10:42
चंद्रास्त
00:54
दिनमान
12h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:32

अशुभ समय

राहुकाल
09:52 – 11:29
यमगंड
14:43 – 16:21
गुलिक काल
06:38 – 08:15

13 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:38 – 08:15टालें
शुभ08:15 – 09:52शुभ
रोग09:52 – 11:29टालें
उद्वेग11:29 – 13:06टालें
चर13:06 – 14:43सामान्य
लाभ14:43 – 16:21शुभ
अमृत16:21 – 17:58शुभ
काल17:58 – 19:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:35 – 20:58शुभ
उद्वेग20:58 – 22:20टालें
शुभ22:20 – 23:43शुभ
अमृत23:43 – 01:06शुभ
चर01:06 – 02:28सामान्य
रोग02:28 – 03:51टालें
काल03:51 – 05:13टालें
लाभ05:13 – 06:36शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3807:42दिन
गुरु07:4208:47दिन
मंगल08:4709:52दिन
सूर्य09:5210:57दिन
शुक्र10:5712:01दिन
बुध12:0113:06दिन
चंद्र13:0614:11दिन
शनि14:1115:16दिन
गुरु15:1616:21दिन
मंगल16:2117:25दिन
सूर्य17:2518:30दिन
शुक्र18:3019:35दिन
बुध19:3520:30रात
चंद्र20:3021:25रात
शनि21:2522:20रात
गुरु22:2023:15रात
मंगल23:1500:10रात
सूर्य00:1001:06रात
शुक्र01:0602:01रात
बुध02:0102:56रात
चंद्र02:5603:51रात
शनि03:5104:46रात
गुरु04:4605:41रात
मंगल05:4106:36रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
31 अक्टू॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2731° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।