19 अक्टूबर 2029 को मस्कट का पंचांग

शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2029, मस्कट, Oman। समय Asia/Muscat में है।

शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2029 को मस्कट में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (06:48 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (21:53 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:36 पर है। राहुकाल 10:24 से 11:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:36
रात 06:05 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 21:53 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 06:48 तक
शुक्ल त्रयोदशी 08:48, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 00:31, 21 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 05:49, 20 अक्टू॰ तक
व्याघातअशुभ 06:28, 21 अक्टू॰ तक
करण
बालव 06:48 तक
कौलव 19:46 तक
तैतिल 08:48, 20 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 15:15 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:36
चंद्रोदय
15:41
चंद्रास्त
03:24
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
10:24 – 11:51
यमगंड
14:44 – 16:10
गुलिक काल
07:31 – 08:58

19 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:05 – 07:31सामान्य
लाभ07:31 – 08:58शुभ
अमृत08:58 – 10:24शुभ
काल10:24 – 11:51टालें
शुभ11:51 – 13:17शुभ
रोग13:17 – 14:44टालें
उद्वेग14:44 – 16:10टालें
चर16:10 – 17:36सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:36 – 19:10टालें
काल19:10 – 20:44टालें
लाभ20:44 – 22:17शुभ
उद्वेग22:17 – 23:51टालें
शुभ23:51 – 01:25शुभ
अमृत01:25 – 02:58शुभ
चर02:58 – 04:32सामान्य
रोग04:32 – 06:05टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0507:03दिन
बुध07:0308:00दिन
चंद्र08:0008:58दिन
शनि08:5809:55दिन
गुरु09:5510:53दिन
मंगल10:5311:51दिन
सूर्य11:5112:48दिन
शुक्र12:4813:46दिन
बुध13:4614:44दिन
चंद्र14:4415:41दिन
शनि15:4116:39दिन
गुरु16:3917:36दिन
मंगल17:3618:39रात
सूर्य18:3919:41रात
शुक्र19:4120:44रात
बुध20:4421:46रात
चंद्र21:4622:48रात
शनि22:4823:51रात
गुरु23:5100:53रात
मंगल00:5301:56रात
सूर्य01:5602:58रात
शुक्र02:5804:01रात
बुध04:0105:03रात
चंद्र05:0306:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 अक्टू॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश

तिथियां मस्कट में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2733° (लाहिड़ी)। समय मस्कट (Asia/Muscat) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।