29 जनवरी 2018 को नई दिल्ली का पंचांग

सोमवार, 29 जनवरी 2018, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 जनवरी 2018 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (01:53, 30 जन॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (23:03 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 08:31 से 09:52 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:57
रात 07:10 तक
तिथि
त्रयोदशी, 01:53 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 23:03 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जनवरी 2018 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 01:53, 30 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 22:23, 30 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 20:18, 30 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 14:35 तक
विष्कंभअशुभ 10:31, 30 जन॰ तक
करण
कौलव 15:36 तक
तैतिल 01:53, 30 जन॰ तक
गर 12:08, 30 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
15:42
चंद्रास्त
04:44
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2074
शक संवत
1939, हेमलंब संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:25 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:31 – 09:52
यमगंड
11:13 – 12:34
गुलिक काल
13:55 – 15:16

29 जनवरी 2018 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:10 – 08:31शुभ
काल08:31 – 09:52टालें
शुभ09:52 – 11:13शुभ
रोग11:13 – 12:34टालें
उद्वेग12:34 – 13:55टालें
चर13:55 – 15:16सामान्य
लाभ15:16 – 16:36शुभ
अमृत16:36 – 17:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:57 – 19:36सामान्य
रोग19:36 – 21:15टालें
काल21:15 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:34शुभ
उद्वेग00:34 – 02:13टालें
शुभ02:13 – 03:52शुभ
अमृत03:52 – 05:31शुभ
चर05:31 – 07:10सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1008:04दिन
शनि08:0408:58दिन
गुरु08:5809:52दिन
मंगल09:5210:46दिन
सूर्य10:4611:40दिन
शुक्र11:4012:34दिन
बुध12:3413:28दिन
चंद्र13:2814:22दिन
शनि14:2215:16दिन
गुरु15:1616:10दिन
मंगल16:1017:03दिन
सूर्य17:0317:57दिन
शुक्र17:5719:03रात
बुध19:0320:09रात
चंद्र20:0921:15रात
शनि21:1522:22रात
गुरु22:2223:28रात
मंगल23:2800:34रात
सूर्य00:3401:40रात
शुक्र01:4002:46रात
बुध02:4603:52रात
चंद्र03:5204:58रात
शनि04:5806:04रात
गुरु06:0407:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 जन॰ 2018प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
31 जन॰ 2018माघ पूर्णिमापूर्णिमा
4 फ़र॰ 2018संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
8 फ़र॰ 2018कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
11 फ़र॰ 2018कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 फ़र॰ 2018प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 फ़र॰ 2018कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2018फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
19 फ़र॰ 2018विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 फ़र॰ 2018शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1096° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।