2 दिसंबर 2041 को नई दिल्ली का पंचांग

सोमवार, 2 दिसंबर 2041, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 दिसंबर 2041 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (10:09 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (09:08 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 08:15 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 17:23
रात 06:57 तक
तिथि
नवमी, 10:09 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 दिसंबर 2041 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 10:09 तक
शुक्ल दशमी 08:01, 3 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 07:42, 3 दिस॰ तक
योग
वज्रअशुभ 10:22 तक
सिद्धि 07:26, 3 दिस॰ तक
करण
कौलव 10:09 तक
तैतिल 21:05 तक
गर 08:01, 3 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
13:47
चंद्रास्त
01:03
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2098
शक संवत
1963, दुर्मति संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
08:15 – 09:33
यमगंड
10:52 – 12:10
गुलिक काल
13:28 – 14:47

2 दिसंबर 2041 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:57 – 08:15शुभ
काल08:15 – 09:33टालें
शुभ09:33 – 10:52शुभ
रोग10:52 – 12:10टालें
उद्वेग12:10 – 13:28टालें
चर13:28 – 14:47सामान्य
लाभ14:47 – 16:05शुभ
अमृत16:05 – 17:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:23 – 19:05सामान्य
रोग19:05 – 20:47टालें
काल20:47 – 22:29टालें
लाभ22:29 – 00:10शुभ
उद्वेग00:10 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:34शुभ
अमृत03:34 – 05:16शुभ
चर05:16 – 06:57सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5707:49दिन
शनि07:4908:41दिन
गुरु08:4109:33दिन
मंगल09:3310:26दिन
सूर्य10:2611:18दिन
शुक्र11:1812:10दिन
बुध12:1013:02दिन
चंद्र13:0213:54दिन
शनि13:5414:47दिन
गुरु14:4715:39दिन
मंगल15:3916:31दिन
सूर्य16:3117:23दिन
शुक्र17:2318:31रात
बुध18:3119:39रात
चंद्र19:3920:47रात
शनि20:4721:55रात
गुरु21:5523:03रात
मंगल23:0300:10रात
सूर्य00:1001:18रात
शुक्र01:1802:26रात
बुध02:2603:34रात
चंद्र03:3404:42रात
शनि04:4205:50रात
गुरु05:5006:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 दिस॰ 2041शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 दिस॰ 2041प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 दिस॰ 2041मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
11 दिस॰ 2041संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 दिस॰ 2041कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 दिस॰ 2041धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
19 दिस॰ 2041कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
21 दिस॰ 2041प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
23 दिस॰ 2041पौष अमावस्याअमावस्या
26 दिस॰ 2041विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.4427° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।