8 जनवरी 2027 को नोएडा का पंचांग

शुक्रवार, 8 जनवरी 2027, नोएडा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 8 जनवरी 2027 को नोएडा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (04:34, 9 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (09:13 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 11:08 से 12:27 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:39
रात 07:14 तक
तिथि
प्रतिपदा, 04:34 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 04:34, 9 जन॰ तक
शुक्ल द्वितीया 07:07, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 12:16, 9 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 15:22 तक
हर्षण 16:15, 9 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 15:14 तक
बव 04:34, 9 जन॰ तक
बालव 17:52, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 15:59 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
07:37
चंद्रास्त
18:05
दिनमान
10h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:25 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
11:08 – 12:27
यमगंड
15:03 – 16:21
गुलिक काल
08:32 – 09:50

8 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:14 – 08:32सामान्य
लाभ08:32 – 09:50शुभ
अमृत09:50 – 11:08शुभ
काल11:08 – 12:27टालें
शुभ12:27 – 13:45शुभ
रोग13:45 – 15:03टालें
उद्वेग15:03 – 16:21टालें
चर16:21 – 17:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:39 – 19:21टालें
काल19:21 – 21:03टालें
लाभ21:03 – 22:45शुभ
उद्वेग22:45 – 00:27टालें
शुभ00:27 – 02:08शुभ
अमृत02:08 – 03:50शुभ
चर03:50 – 05:32सामान्य
रोग05:32 – 07:14टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1408:06दिन
बुध08:0608:58दिन
चंद्र08:5809:50दिन
शनि09:5010:42दिन
गुरु10:4211:34दिन
मंगल11:3412:27दिन
सूर्य12:2713:19दिन
शुक्र13:1914:11दिन
बुध14:1115:03दिन
चंद्र15:0315:55दिन
शनि15:5516:47दिन
गुरु16:4717:39दिन
मंगल17:3918:47रात
सूर्य18:4719:55रात
शुक्र19:5521:03रात
बुध21:0322:11रात
चंद्र22:1123:19रात
शनि23:1900:27रात
गुरु00:2701:34रात
मंगल01:3402:42रात
सूर्य02:4203:50रात
शुक्र03:5004:58रात
बुध04:5806:06रात
चंद्र06:0607:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां नोएडा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2345° (लाहिड़ी)। समय नोएडा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।