15 अप्रैल 2029 को नोएडा का पंचांग

रविवार, 15 अप्रैल 2029, नोएडा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 15 अप्रैल 2029 को नोएडा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (07:47, 16 अप्रैल तक), नक्षत्र अश्विनी (06:07 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 18:46 पर है। राहुकाल 17:09 से 18:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 18:46
रात 05:54 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अप्रैल 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 07:47, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 08:53, 16 अप्रैल तक
योग
प्रीति 04:53, 16 अप्रैल तक
आयुष्मान 05:29, 17 अप्रैल तक
करण
बालव 18:41 तक
कौलव 07:47, 16 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
18:46
चंद्रोदय
06:21
चंद्रास्त
20:13
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
17:09 – 18:46
यमगंड
12:20 – 13:57
गुलिक काल
15:33 – 17:09

15 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:55 – 07:31टालें
चर07:31 – 09:07सामान्य
लाभ09:07 – 10:44शुभ
अमृत10:44 – 12:20शुभ
काल12:20 – 13:57टालें
शुभ13:57 – 15:33शुभ
रोग15:33 – 17:09टालें
उद्वेग17:09 – 18:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:46 – 20:09शुभ
अमृत20:09 – 21:33शुभ
चर21:33 – 22:56सामान्य
रोग22:56 – 00:20टालें
काल00:20 – 01:43टालें
लाभ01:43 – 03:07शुभ
उद्वेग03:07 – 04:30टालें
शुभ04:30 – 05:54शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5506:59दिन
शुक्र06:5908:03दिन
बुध08:0309:07दिन
चंद्र09:0710:12दिन
शनि10:1211:16दिन
गुरु11:1612:20दिन
मंगल12:2013:24दिन
सूर्य13:2414:29दिन
शुक्र14:2915:33दिन
बुध15:3316:37दिन
चंद्र16:3717:41दिन
शनि17:4118:46दिन
गुरु18:4619:41रात
मंगल19:4120:37रात
सूर्य20:3721:33रात
शुक्र21:3322:28रात
बुध22:2823:24रात
चंद्र23:2400:20रात
शनि00:2001:15रात
गुरु01:1502:11रात
मंगल02:1103:07रात
सूर्य03:0704:02रात
शुक्र04:0204:58रात
बुध04:5805:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 अप्रैल 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 अप्रैल 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अप्रैल 2029चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
1 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या

तिथियां नोएडा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2662° (लाहिड़ी)। समय नोएडा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।