9 अप्रैल 2025 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 9 अप्रैल 2025, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 9 अप्रैल 2025 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (14:26 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:54, 10 अप्रैल तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 12:42 से 14:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:48
रात 06:35 तक
तिथि
द्वादशी, 14:26 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:54 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 14:26 तक
शुक्ल त्रयोदशी 16:31, 10 अप्रैल तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 03:54, 10 अप्रैल तक
उत्तरा फाल्गुनी 06:40, 11 अप्रैल तक
योग
गंडअशुभ 09:55 तक
वृद्धि 10:28, 10 अप्रैल तक
करण
बालव 14:26 तक
कौलव 03:26, 10 अप्रैल तक
तैतिल 16:31, 10 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
16:32
चंद्रास्त
04:18
दिनमान
12h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:06 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:42 – 14:13
यमगंड
08:07 – 09:38
गुलिक काल
11:10 – 12:42

9 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:35 – 08:07शुभ
अमृत08:07 – 09:38शुभ
काल09:38 – 11:10टालें
शुभ11:10 – 12:42शुभ
रोग12:42 – 14:13टालें
उद्वेग14:13 – 15:45टालें
चर15:45 – 17:17सामान्य
लाभ17:17 – 18:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:48 – 20:17टालें
शुभ20:17 – 21:45शुभ
अमृत21:45 – 23:13शुभ
चर23:13 – 00:41सामान्य
रोग00:41 – 02:10टालें
काल02:10 – 03:38टालें
लाभ03:38 – 05:06शुभ
उद्वेग05:06 – 06:35टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3507:36दिन
चंद्र07:3608:37दिन
शनि08:3709:38दिन
गुरु09:3810:39दिन
मंगल10:3911:41दिन
सूर्य11:4112:42दिन
शुक्र12:4213:43दिन
बुध13:4314:44दिन
चंद्र14:4415:45दिन
शनि15:4516:46दिन
गुरु16:4617:47दिन
मंगल17:4718:48दिन
सूर्य18:4819:47रात
शुक्र19:4720:46रात
बुध20:4621:45रात
चंद्र21:4522:44रात
शनि22:4423:43रात
गुरु23:4300:41रात
मंगल00:4101:40रात
सूर्य01:4002:39रात
शुक्र02:3903:38रात
बुध03:3804:37रात
चंद्र04:3705:36रात
शनि05:3606:35रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 अप्रैल 2025चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
13 अप्रैल 2025मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 अप्रैल 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 अप्रैल 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 अप्रैल 2025वैशाख अमावस्याअमावस्या
30 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 मई 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2101° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।