30 अक्टूबर 2026 को पारामारिबो का पंचांग

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (10:55 तक), नक्षत्र आर्द्रा (22:42 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 10:54 से 12:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:21
रात 06:26 तक
तिथि
पंचमी, 10:55 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आर्द्रा, 22:42 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 10:55 तक
कृष्ण षष्ठी 08:27, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 21:09, 31 अक्टू॰ तक
योग
शिव 12:11 तक
सिद्ध 09:01, 31 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 10:55 तक
गर 21:39 तक
वणिज 08:27, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
22:56
चंद्रास्त
10:48
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
10:54 – 12:24
यमगंड
15:23 – 16:52
गुलिक काल
07:56 – 09:25

30 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:26 – 07:56सामान्य
लाभ07:56 – 09:25शुभ
अमृत09:25 – 10:54शुभ
काल10:54 – 12:24टालें
शुभ12:24 – 13:53शुभ
रोग13:53 – 15:23टालें
उद्वेग15:23 – 16:52टालें
चर16:52 – 18:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:21 – 19:52टालें
काल19:52 – 21:23टालें
लाभ21:23 – 22:53शुभ
उद्वेग22:53 – 00:24टालें
शुभ00:24 – 01:54शुभ
अमृत01:54 – 03:25शुभ
चर03:25 – 04:56सामान्य
रोग04:56 – 06:26टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2607:26दिन
बुध07:2608:25दिन
चंद्र08:2509:25दिन
शनि09:2510:25दिन
गुरु10:2511:24दिन
मंगल11:2412:24दिन
सूर्य12:2413:23दिन
शुक्र13:2314:23दिन
बुध14:2315:23दिन
चंद्र15:2316:22दिन
शनि16:2217:22दिन
गुरु17:2218:21दिन
मंगल18:2119:22रात
सूर्य19:2220:22रात
शुक्र20:2221:23रात
बुध21:2322:23रात
चंद्र22:2323:23रात
शनि23:2300:24रात
गुरु00:2401:24रात
मंगल01:2402:25रात
सूर्य02:2503:25रात
शुक्र03:2504:25रात
बुध04:2505:26रात
चंद्र05:2606:26रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2318° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।