11 जनवरी 2028 को पारामारिबो का पंचांग

मंगलवार, 11 जनवरी 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

मंगलवार, 11 जनवरी 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (01:03, 12 जन॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (13:27 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 15:45 से 17:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 18:42
रात 06:54 तक
तिथि
पूर्णिमा, 01:03 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आर्द्रा, 13:27 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 01:03, 12 जन॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 21:37, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 10:51, 12 जन॰ तक
योग
इंद्र 13:23 तक
वैधृतिअशुभ 09:25, 12 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:41 तक
बव 01:03, 12 जन॰ तक
बालव 11:21, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 05:31, 12 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
18:23
चंद्रास्त
06:12
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:12

अशुभ समय

राहुकाल
15:45 – 17:14
यमगंड
09:51 – 11:19
गुलिक काल
12:48 – 14:17

11 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:54 – 08:22टालें
उद्वेग08:22 – 09:51टालें
चर09:51 – 11:19सामान्य
लाभ11:19 – 12:48शुभ
अमृत12:48 – 14:17शुभ
काल14:17 – 15:45टालें
शुभ15:45 – 17:14शुभ
रोग17:14 – 18:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:42 – 20:14टालें
लाभ20:14 – 21:45शुभ
उद्वेग21:45 – 23:17टालें
शुभ23:17 – 00:48शुभ
अमृत00:48 – 02:20शुभ
चर02:20 – 03:51सामान्य
रोग03:51 – 05:23टालें
काल05:23 – 06:54टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5407:53दिन
सूर्य07:5308:52दिन
शुक्र08:5209:51दिन
बुध09:5110:50दिन
चंद्र10:5011:49दिन
शनि11:4912:48दिन
गुरु12:4813:47दिन
मंगल13:4714:46दिन
सूर्य14:4615:45दिन
शुक्र15:4516:44दिन
बुध16:4417:43दिन
चंद्र17:4318:42दिन
शनि18:4219:43रात
गुरु19:4320:44रात
मंगल20:4421:45रात
सूर्य21:4522:46रात
शुक्र22:4623:47रात
बुध23:4700:48रात
चंद्र00:4801:49रात
शनि01:4902:50रात
गुरु02:5003:51रात
मंगल03:5104:52रात
सूर्य04:5205:53रात
शुक्र05:5306:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2486° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।