4 सितंबर 2028 को पारामारिबो का पंचांग

सोमवार, 4 सितंबर 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

सोमवार, 4 सितंबर 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (23:14 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (04:23, 5 सित॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 08:04 से 09:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 18:45
रात 06:33 तक
तिथि
प्रतिपदा, 23:14 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 04:23 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 23:14 तक
कृष्ण द्वितीया 01:39, 6 सित॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 04:23, 5 सित॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 07:19, 6 सित॰ तक
योग
धृति 17:47 तक
शूलअशुभ 18:42, 5 सित॰ तक
करण
बालव 10:01 तक
कौलव 23:14 तक
तैतिल 12:27, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 21:38 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
19:09
चंद्रास्त
06:49
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
08:04 – 09:36
यमगंड
11:07 – 12:39
गुलिक काल
14:10 – 15:42

4 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:33 – 08:04शुभ
काल08:04 – 09:36टालें
शुभ09:36 – 11:07शुभ
रोग11:07 – 12:39टालें
उद्वेग12:39 – 14:10टालें
चर14:10 – 15:42सामान्य
लाभ15:42 – 17:13शुभ
अमृत17:13 – 18:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:45 – 20:13सामान्य
रोग20:13 – 21:42टालें
काल21:42 – 23:10टालें
लाभ23:10 – 00:39शुभ
उद्वेग00:39 – 02:07टालें
शुभ02:07 – 03:36शुभ
अमृत03:36 – 05:04शुभ
चर05:04 – 06:33सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3307:34दिन
शनि07:3408:35दिन
गुरु08:3509:36दिन
मंगल09:3610:37दिन
सूर्य10:3711:38दिन
शुक्र11:3812:39दिन
बुध12:3913:40दिन
चंद्र13:4014:41दिन
शनि14:4115:42दिन
गुरु15:4216:43दिन
मंगल16:4317:44दिन
सूर्य17:4418:45दिन
शुक्र18:4519:44रात
बुध19:4420:43रात
चंद्र20:4321:42रात
शनि21:4222:41रात
गुरु22:4123:40रात
मंगल23:4000:39रात
सूर्य00:3901:38रात
शुक्र01:3802:37रात
बुध02:3703:36रात
चंद्र03:3604:35रात
शनि04:3505:34रात
गुरु05:3406:33रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2576° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।