5 जनवरी 2029 को पर्थ का पंचांग

शुक्रवार, 5 जनवरी 2029, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 5 जनवरी 2029 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (15:01 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (00:36, 6 जन॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 10:35 से 12:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 19:26
रात 05:17 तक
तिथि
पंचमी, 15:01 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 00:36 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 15:01 तक
कृष्ण षष्ठी 12:43, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
आयुष्मान 12:01 तक
सौभाग्य 08:55, 6 जन॰ तक
करण
तैतिल 15:01 तक
गर 01:52, 6 जन॰ तक
वणिज 12:43, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
22:28
चंद्रास्त
09:56
दिनमान
14h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
10:35 – 12:21
यमगंड
15:54 – 17:40
गुलिक काल
07:03 – 08:49

5 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:17 – 07:03सामान्य
लाभ07:03 – 08:49शुभ
अमृत08:49 – 10:35शुभ
काल10:35 – 12:21टालें
शुभ12:21 – 14:08शुभ
रोग14:08 – 15:54टालें
उद्वेग15:54 – 17:40टालें
चर17:40 – 19:26सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:26 – 20:40टालें
काल20:40 – 21:54टालें
लाभ21:54 – 23:08शुभ
उद्वेग23:08 – 00:22टालें
शुभ00:22 – 01:36शुभ
अमृत01:36 – 02:50शुभ
चर02:50 – 04:04सामान्य
रोग04:04 – 05:17टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1706:27दिन
बुध06:2707:38दिन
चंद्र07:3808:49दिन
शनि08:4910:00दिन
गुरु10:0011:11दिन
मंगल11:1112:21दिन
सूर्य12:2113:32दिन
शुक्र13:3214:43दिन
बुध14:4315:54दिन
चंद्र15:5417:04दिन
शनि17:0418:15दिन
गुरु18:1519:26दिन
मंगल19:2620:15रात
सूर्य20:1521:05रात
शुक्र21:0521:54रात
बुध21:5422:43रात
चंद्र22:4323:32रात
शनि23:3200:22रात
गुरु00:2201:11रात
मंगल01:1102:00रात
सूर्य02:0002:50रात
शुक्र02:5003:39रात
बुध03:3904:28रात
चंद्र04:2805:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां पर्थ में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।