19 मई 2025 को पुणे का पंचांग

सोमवार, 19 मई 2025, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 19 मई 2025 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (06:12 तक), नक्षत्र श्रवण (19:29 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 19:02 पर है। राहुकाल 07:37 से 09:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 19:02
रात 05:59 तक
तिथि
सप्तमी, 05:52 तक
नक्षत्र
श्रवण, 19:29 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मई 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 06:12 तक
कृष्ण सप्तमी 05:52, 20 मई तक
कृष्ण अष्टमी 04:55, 21 मई तक
नक्षत्र
श्रवण 19:29 तक
धनिष्ठा 19:32, 20 मई तक
योग
ब्रह्म 04:35, 20 मई तक
इंद्र 02:50, 21 मई तक
करण
वणिज 06:12 तक
विष्टि (भद्रा) 18:06 तक
बव 05:52, 20 मई तक
बालव 17:28, 20 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
19:02
चंद्रोदय
00:01
चंद्रास्त
11:23
दिनमान
13h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
07:37 – 09:15
यमगंड
10:53 – 12:31
गुलिक काल
14:09 – 15:46

19 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:59 – 07:37शुभ
काल07:37 – 09:15टालें
शुभ09:15 – 10:53शुभ
रोग10:53 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 14:09टालें
चर14:09 – 15:46सामान्य
लाभ15:46 – 17:24शुभ
अमृत17:24 – 19:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:02 – 20:24सामान्य
रोग20:24 – 21:46टालें
काल21:46 – 23:08टालें
लाभ23:08 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 01:53टालें
शुभ01:53 – 03:15शुभ
अमृत03:15 – 04:37शुभ
चर04:37 – 05:59सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5907:04दिन
शनि07:0408:10दिन
गुरु08:1009:15दिन
मंगल09:1510:20दिन
सूर्य10:2011:25दिन
शुक्र11:2512:31दिन
बुध12:3113:36दिन
चंद्र13:3614:41दिन
शनि14:4115:46दिन
गुरु15:4616:52दिन
मंगल16:5217:57दिन
सूर्य17:5719:02दिन
शुक्र19:0219:57रात
बुध19:5720:52रात
चंद्र20:5221:46रात
शनि21:4622:41रात
गुरु22:4123:36रात
मंगल23:3600:30रात
सूर्य00:3001:25रात
शुक्र01:2502:20रात
बुध02:2003:15रात
चंद्र03:1504:09रात
शनि04:0905:04रात
गुरु05:0405:59रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 मई 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 मई 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 मई 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 मई 2025ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या
30 मई 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 जून 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 जून 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
11 जून 2025ज्येष्ठ पूर्णिमापूर्णिमा
15 जून 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जून 2025मिथुन संक्रांतिसूर्य का मिथुन में प्रवेश

तिथियां पुणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2116° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।