24 अगस्त 2026 को पुणे का पंचांग

सोमवार, 24 अगस्त 2026, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 24 अगस्त 2026 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (06:21, 25 अग॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (20:28 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 07:52 से 09:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:55
रात 06:18 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 20:28 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अगस्त 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 06:21, 25 अग॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 22:51, 25 अग॰ तक
योग
प्रीति 07:04 तक
आयुष्मान 07:41, 25 अग॰ तक
करण
बव 17:22 तक
बालव 06:21, 25 अग॰ तक
चंद्र राशि
धनु 03:06, 25 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
16:24
चंद्रास्त
02:40
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 13:02

अशुभ समय

राहुकाल
07:52 – 09:27
यमगंड
11:02 – 12:36
गुलिक काल
14:11 – 15:46

24 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:18 – 07:52शुभ
काल07:52 – 09:27टालें
शुभ09:27 – 11:02शुभ
रोग11:02 – 12:36टालें
उद्वेग12:36 – 14:11टालें
चर14:11 – 15:46सामान्य
लाभ15:46 – 17:20शुभ
अमृत17:20 – 18:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:55 – 20:20सामान्य
रोग20:20 – 21:46टालें
काल21:46 – 23:11टालें
लाभ23:11 – 00:36शुभ
उद्वेग00:36 – 02:02टालें
शुभ02:02 – 03:27शुभ
अमृत03:27 – 04:53शुभ
चर04:53 – 06:18सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1807:21दिन
शनि07:2108:24दिन
गुरु08:2409:27दिन
मंगल09:2710:30दिन
सूर्य10:3011:33दिन
शुक्र11:3312:36दिन
बुध12:3613:39दिन
चंद्र13:3914:43दिन
शनि14:4315:46दिन
गुरु15:4616:49दिन
मंगल16:4917:52दिन
सूर्य17:5218:55दिन
शुक्र18:5519:52रात
बुध19:5220:49रात
चंद्र20:4921:46रात
शनि21:4622:43रात
गुरु22:4323:40रात
मंगल23:4000:36रात
सूर्य00:3601:33रात
शुक्र01:3302:30रात
बुध02:3003:27रात
चंद्र03:2704:24रात
शनि04:2405:21रात
गुरु05:2106:18रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 अग॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अग॰ 2026श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
1 सित॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 सित॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
7 सित॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
9 सित॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
11 सित॰ 2026भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
15 सित॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 सित॰ 2026कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
22 सित॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां पुणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2293° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।