28 जून 2027 को पुणे का पंचांग

सोमवार, 28 जून 2027, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 28 जून 2027 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (22:49 तक), नक्षत्र रेवती (21:48 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है। राहुकाल 07:39 से 09:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 19:14
रात 06:00 तक
तिथि
नवमी, 22:49 तक
दशमी
नक्षत्र
रेवती, 21:48 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 जून 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 22:49 तक
कृष्ण दशमी 22:04, 29 जून तक
नक्षत्र
रेवती 21:48 तक
अश्विनी 21:48, 29 जून तक
योग
शोभन 11:45 तक
अतिगंडअशुभ 10:28, 29 जून तक
करण
तैतिल 10:53 तक
गर 22:49 तक
वणिज 10:33, 29 जून तक
चंद्र राशि
मीन 21:48 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
19:14
चंद्रोदय
00:39
चंद्रास्त
13:31
दिनमान
13h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 13:04

अशुभ समय

राहुकाल
07:39 – 09:19
यमगंड
10:58 – 12:37
गुलिक काल
14:17 – 15:56

28 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:00 – 07:39शुभ
काल07:39 – 09:19टालें
शुभ09:19 – 10:58शुभ
रोग10:58 – 12:37टालें
उद्वेग12:37 – 14:17टालें
चर14:17 – 15:56सामान्य
लाभ15:56 – 17:35शुभ
अमृत17:35 – 19:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:14 – 20:35सामान्य
रोग20:35 – 21:56टालें
काल21:56 – 23:17टालें
लाभ23:17 – 00:37शुभ
उद्वेग00:37 – 01:58टालें
शुभ01:58 – 03:19शुभ
अमृत03:19 – 04:40शुभ
चर04:40 – 06:00सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0007:06दिन
शनि07:0608:13दिन
गुरु08:1309:19दिन
मंगल09:1910:25दिन
सूर्य10:2511:31दिन
शुक्र11:3112:37दिन
बुध12:3713:43दिन
चंद्र13:4314:50दिन
शनि14:5015:56दिन
गुरु15:5617:02दिन
मंगल17:0218:08दिन
सूर्य18:0819:14दिन
शुक्र19:1420:08रात
बुध20:0821:02रात
चंद्र21:0221:56रात
शनि21:5622:50रात
गुरु22:5023:44रात
मंगल23:4400:37रात
सूर्य00:3701:31रात
शुक्र01:3102:25रात
बुध02:2503:19रात
चंद्र03:1904:13रात
शनि04:1305:07रात
गुरु05:0706:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 जून 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
2 जुल॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
4 जुल॰ 2027आषाढ़ अमावस्याअमावस्या
7 जुल॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जुल॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 जुल॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
17 जुल॰ 2027कर्क संक्रांतिसूर्य का कर्क में प्रवेश
18 जुल॰ 2027आषाढ़ पूर्णिमापूर्णिमा
22 जुल॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
27 जुल॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां पुणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2410° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।