14 दिसंबर 2027 को पुणे का पंचांग

मंगलवार, 14 दिसंबर 2027, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 दिसंबर 2027 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (19:01 तक), नक्षत्र मृगशिरा (13:25 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 15:14 से 16:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:58 – 17:59
रात 06:58 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:01 तक
द्वितीया
नक्षत्र
मृगशिरा, 13:25 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:01 तक
कृष्ण द्वितीया 16:13, 15 दिस॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 11:21, 15 दिस॰ तक
योग
शुभ 16:46 तक
शुक्ल 13:15, 15 दिस॰ तक
करण
बालव 08:22 तक
कौलव 19:01 तक
तैतिल 05:38, 15 दिस॰ तक
गर 16:13, 15 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:58
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
18:44
चंद्रास्त
07:30
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
15:14 – 16:37
यमगंड
09:43 – 11:06
गुलिक काल
12:28 – 13:51

14 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:58 – 08:20टालें
उद्वेग08:20 – 09:43टालें
चर09:43 – 11:06सामान्य
लाभ11:06 – 12:28शुभ
अमृत12:28 – 13:51शुभ
काल13:51 – 15:14टालें
शुभ15:14 – 16:37शुभ
रोग16:37 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:59 – 19:37टालें
लाभ19:37 – 21:14शुभ
उद्वेग21:14 – 22:51टालें
शुभ22:51 – 00:29शुभ
अमृत00:29 – 02:06शुभ
चर02:06 – 03:43सामान्य
रोग03:43 – 05:21टालें
काल05:21 – 06:58टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5807:53दिन
सूर्य07:5308:48दिन
शुक्र08:4809:43दिन
बुध09:4310:38दिन
चंद्र10:3811:33दिन
शनि11:3312:28दिन
गुरु12:2813:24दिन
मंगल13:2414:19दिन
सूर्य14:1915:14दिन
शुक्र15:1416:09दिन
बुध16:0917:04दिन
चंद्र17:0417:59दिन
शनि17:5919:04रात
गुरु19:0420:09रात
मंगल20:0921:14रात
सूर्य21:1422:19रात
शुक्र22:1923:24रात
बुध23:2400:29रात
चंद्र00:2901:34रात
शनि01:3402:39रात
गुरु02:3903:43रात
मंगल03:4304:48रात
सूर्य04:4805:53रात
शुक्र05:5306:58रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 दिस॰ 2027धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
17 दिस॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
20 दिस॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 दिस॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 दिस॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 दिस॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
1 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पुणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2475° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।