18 जून 2028 को पुणे का पंचांग

रविवार, 18 जून 2028, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 जून 2028 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (03:15, 19 जून तक), नक्षत्र अश्विनी (22:24 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 17:33 से 19:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 19:13
रात 05:58 तक
तिथि
एकादशी, 03:15 तक
द्वादशी
नक्षत्र
अश्विनी, 22:24 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जून 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 03:15, 19 जून तक
कृष्ण द्वादशी 03:22, 20 जून तक
नक्षत्र
भरणी 23:19, 19 जून तक
योग
अतिगंडअशुभ 03:36, 19 जून तक
सुकर्मा 02:42, 20 जून तक
करण
बव 14:56 तक
बालव 03:15, 19 जून तक
कौलव 15:23, 19 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
01:59
चंद्रास्त
15:08
दिनमान
13h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 13:02

अशुभ समय

राहुकाल
17:33 – 19:13
यमगंड
12:35 – 14:15
गुलिक काल
15:54 – 17:33

18 जून 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:58 – 07:37टालें
चर07:37 – 09:17सामान्य
लाभ09:17 – 10:56शुभ
अमृत10:56 – 12:35शुभ
काल12:35 – 14:15टालें
शुभ14:15 – 15:54शुभ
रोग15:54 – 17:33टालें
उद्वेग17:33 – 19:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:13 – 20:33शुभ
अमृत20:33 – 21:54शुभ
चर21:54 – 23:15सामान्य
रोग23:15 – 00:35टालें
काल00:35 – 01:56टालें
लाभ01:56 – 03:17शुभ
उद्वेग03:17 – 04:38टालें
शुभ04:38 – 05:58शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5807:04दिन
शुक्र07:0408:10दिन
बुध08:1009:17दिन
चंद्र09:1710:23दिन
शनि10:2311:29दिन
गुरु11:2912:35दिन
मंगल12:3513:42दिन
सूर्य13:4214:48दिन
शुक्र14:4815:54दिन
बुध15:5417:00दिन
चंद्र17:0018:06दिन
शनि18:0619:13दिन
गुरु19:1320:06रात
मंगल20:0621:00रात
सूर्य21:0021:54रात
शुक्र21:5422:48रात
बुध22:4823:42रात
चंद्र23:4200:35रात
शनि00:3501:29रात
गुरु01:2902:23रात
मंगल02:2303:17रात
सूर्य03:1704:11रात
शुक्र04:1105:04रात
बुध05:0405:58रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जून 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
20 जून 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
22 जून 2028आषाढ़ अमावस्याअमावस्या
26 जून 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
2 जुल॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 जुल॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
6 जुल॰ 2028आषाढ़ पूर्णिमापूर्णिमा
10 जुल॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जुल॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 जुल॰ 2028कर्क संक्रांतिसूर्य का कर्क में प्रवेश

तिथियां पुणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2547° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।