4 अगस्त 2028 को पुणे का पंचांग

शुक्रवार, 4 अगस्त 2028, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 अगस्त 2028 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (11:51 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (19:27 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 11:03 से 12:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 19:07
रात 06:13 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:51 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 19:27 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 11:51 तक
पूर्णिमा 13:39, 5 अग॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 21:57, 5 अग॰ तक
योग
प्रीति 16:12 तक
आयुष्मान 16:42, 5 अग॰ तक
करण
वणिज 11:51 तक
विष्टि (भद्रा) 00:43, 5 अग॰ तक
बव 13:39, 5 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
18:29
चंद्रास्त
05:09
दिनमान
12h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
11:03 – 12:40
यमगंड
15:54 – 17:30
गुलिक काल
07:50 – 09:26

4 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:13 – 07:50सामान्य
लाभ07:50 – 09:26शुभ
अमृत09:26 – 11:03शुभ
काल11:03 – 12:40टालें
शुभ12:40 – 14:17शुभ
रोग14:17 – 15:54टालें
उद्वेग15:54 – 17:30टालें
चर17:30 – 19:07सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:07 – 20:31टालें
काल20:31 – 21:54टालें
लाभ21:54 – 23:17शुभ
उद्वेग23:17 – 00:40टालें
शुभ00:40 – 02:03शुभ
अमृत02:03 – 03:27शुभ
चर03:27 – 04:50सामान्य
रोग04:50 – 06:13टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1307:17दिन
बुध07:1708:22दिन
चंद्र08:2209:26दिन
शनि09:2610:31दिन
गुरु10:3111:36दिन
मंगल11:3612:40दिन
सूर्य12:4013:45दिन
शुक्र13:4514:49दिन
बुध14:4915:54दिन
चंद्र15:5416:58दिन
शनि16:5818:03दिन
गुरु18:0319:07दिन
मंगल19:0720:03रात
सूर्य20:0320:58रात
शुक्र20:5821:54रात
बुध21:5422:49रात
चंद्र22:4923:45रात
शनि23:4500:40रात
गुरु00:4001:36रात
मंगल01:3602:31रात
सूर्य02:3103:27रात
शुक्र03:2704:22रात
बुध04:2205:18रात
चंद्र05:1806:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 अग॰ 2028श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
9 अग॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अग॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अग॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अग॰ 2028सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
18 अग॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अग॰ 2028भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां पुणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2564° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।