28 सितंबर 2028 को रियाद का पंचांग

गुरुवार, 28 सितंबर 2028, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

गुरुवार, 28 सितंबर 2028 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (07:25 तक), नक्षत्र श्रवण (07:30, 29 सित॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 13:13 से 14:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 17:42
रात 05:44 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 07:25 तक
शुक्ल एकादशी 09:37, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 07:30, 29 सित॰ तक
योग
सुकर्मा 03:13, 29 सित॰ तक
धृति 04:04, 30 सित॰ तक
करण
गर 07:25 तक
वणिज 20:29 तक
विष्टि (भद्रा) 09:37, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
14:38
चंद्रास्त
01:05
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
13:13 – 14:43
यमगंड
05:44 – 07:13
गुलिक काल
08:43 – 10:13

28 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:44 – 07:13शुभ
रोग07:13 – 08:43टालें
उद्वेग08:43 – 10:13टालें
चर10:13 – 11:43सामान्य
लाभ11:43 – 13:13शुभ
अमृत13:13 – 14:43शुभ
काल14:43 – 16:12टालें
शुभ16:12 – 17:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:42 – 19:13शुभ
चर19:13 – 20:43सामान्य
रोग20:43 – 22:13टालें
काल22:13 – 23:43टालें
लाभ23:43 – 01:13शुभ
उद्वेग01:13 – 02:44टालें
शुभ02:44 – 04:14शुभ
अमृत04:14 – 05:44शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4406:43दिन
मंगल06:4307:43दिन
सूर्य07:4308:43दिन
शुक्र08:4309:43दिन
बुध09:4310:43दिन
चंद्र10:4311:43दिन
शनि11:4312:43दिन
गुरु12:4313:43दिन
मंगल13:4314:43दिन
सूर्य14:4315:43दिन
शुक्र15:4316:42दिन
बुध16:4217:42दिन
चंद्र17:4218:42रात
शनि18:4219:43रात
गुरु19:4320:43रात
मंगल20:4321:43रात
सूर्य21:4322:43रात
शुक्र22:4323:43रात
बुध23:4300:43रात
चंद्र00:4301:43रात
शनि01:4302:44रात
गुरु02:4403:44रात
मंगल03:4404:44रात
सूर्य04:4405:44रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2586° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।