2 मई 2029 को रियाद का पंचांग

बुधवार, 2 मई 2029, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 2 मई 2029 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (00:32, 3 मई तक), नक्षत्र मूल (15:24 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 11:50 से 13:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 18:23
रात 05:16 तक
तिथि
पंचमी, 00:32 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मूल, 15:24 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मई 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 00:32, 3 मई तक
कृष्ण षष्ठी 00:02, 4 मई तक
नक्षत्र
मूल 15:24 तक
पूर्वाषाढ़ा 15:18, 3 मई तक
योग
शिव 07:35 तक
सिद्ध 05:36, 3 मई तक
करण
कौलव 13:06 तक
तैतिल 00:32, 3 मई तक
गर 12:11, 3 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
22:44
चंद्रास्त
08:40
दिनमान
13h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:16 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:50 – 13:28
यमगंड
06:55 – 08:33
गुलिक काल
10:11 – 11:50

2 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:17 – 06:55शुभ
अमृत06:55 – 08:33शुभ
काल08:33 – 10:11टालें
शुभ10:11 – 11:50शुभ
रोग11:50 – 13:28टालें
उद्वेग13:28 – 15:06टालें
चर15:06 – 16:45सामान्य
लाभ16:45 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:23 – 19:44टालें
शुभ19:44 – 21:06शुभ
अमृत21:06 – 22:28शुभ
चर22:28 – 23:49सामान्य
रोग23:49 – 01:11टालें
काल01:11 – 02:33टालें
लाभ02:33 – 03:54शुभ
उद्वेग03:54 – 05:16टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1706:22दिन
चंद्र06:2207:28दिन
शनि07:2808:33दिन
गुरु08:3309:39दिन
मंगल09:3910:44दिन
सूर्य10:4411:50दिन
शुक्र11:5012:55दिन
बुध12:5514:01दिन
चंद्र14:0115:06दिन
शनि15:0616:12दिन
गुरु16:1217:17दिन
मंगल17:1718:23दिन
सूर्य18:2319:17रात
शुक्र19:1720:12रात
बुध20:1221:06रात
चंद्र21:0622:01रात
शनि22:0122:55रात
गुरु22:5523:49रात
मंगल23:4900:44रात
सूर्य00:4401:38रात
शुक्र01:3802:33रात
बुध02:3303:27रात
चंद्र03:2704:22रात
शनि04:2205:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 मई 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 मई 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 मई 2029वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
31 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2668° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।