26 जनवरी 2025 को ठाणे का पंचांग

रविवार, 26 जनवरी 2025, ठाणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 26 जनवरी 2025 को ठाणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (20:55 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:26 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 17:03 से 18:27 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 18:27
रात 07:13 तक
तिथि
द्वादशी, 20:55 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 20:55 तक
कृष्ण त्रयोदशी 20:35, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:02, 27 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 03:33, 27 जन॰ तक
हर्षण 01:57, 28 जन॰ तक
करण
कौलव 08:49 तक
तैतिल 20:55 तक
गर 08:50, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
04:23
चंद्रास्त
15:20
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:31 – 06:22
अभिजीत मुहूर्त
12:28 – 13:13

अशुभ समय

राहुकाल
17:03 – 18:27
यमगंड
12:50 – 14:14
गुलिक काल
15:39 – 17:03

26 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:13 – 08:38टालें
चर08:38 – 10:02सामान्य
लाभ10:02 – 11:26शुभ
अमृत11:26 – 12:50शुभ
काल12:50 – 14:14टालें
शुभ14:14 – 15:39शुभ
रोग15:39 – 17:03टालें
उद्वेग17:03 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:27 – 20:03शुभ
अमृत20:03 – 21:39शुभ
चर21:39 – 23:14सामान्य
रोग23:14 – 00:50टालें
काल00:50 – 02:26टालें
लाभ02:26 – 04:02शुभ
उद्वेग04:02 – 05:37टालें
शुभ05:37 – 07:13शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1308:10दिन
शुक्र08:1009:06दिन
बुध09:0610:02दिन
चंद्र10:0210:58दिन
शनि10:5811:54दिन
गुरु11:5412:50दिन
मंगल12:5013:46दिन
सूर्य13:4614:43दिन
शुक्र14:4315:39दिन
बुध15:3916:35दिन
चंद्र16:3517:31दिन
शनि17:3118:27दिन
गुरु18:2719:31रात
मंगल19:3120:35रात
सूर्य20:3521:39रात
शुक्र21:3922:42रात
बुध22:4223:46रात
चंद्र23:4600:50रात
शनि00:5001:54रात
गुरु01:5402:58रात
मंगल02:5804:02रात
सूर्य04:0205:06रात
शुक्र05:0606:09रात
बुध06:0907:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
2 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 फ़र॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
24 फ़र॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां ठाणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2073° (लाहिड़ी)। समय ठाणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।