20 जनवरी 2027 को ठाणे का पंचांग

बुधवार, 20 जनवरी 2027, ठाणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 20 जनवरी 2027 को ठाणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (01:12, 21 जन॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (16:17 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 12:49 से 14:12 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 18:23
रात 07:14 तक
तिथि
त्रयोदशी, 01:12 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 16:17 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 01:12, 21 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 21:30, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 13:24, 21 जन॰ तक
योग
इंद्र 22:23 तक
वैधृतिअशुभ 18:08, 21 जन॰ तक
करण
कौलव 14:59 तक
तैतिल 01:12, 21 जन॰ तक
गर 11:22, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
16:02
चंद्रास्त
04:54
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:31 – 06:23
अभिजीत मुहूर्त
12:26 – 13:11 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:49 – 14:12
यमगंड
08:38 – 10:01
गुलिक काल
11:25 – 12:49

20 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:14 – 08:38शुभ
अमृत08:38 – 10:01शुभ
काल10:01 – 11:25टालें
शुभ11:25 – 12:49शुभ
रोग12:49 – 14:12टालें
उद्वेग14:12 – 15:36टालें
चर15:36 – 16:59सामान्य
लाभ16:59 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:23 – 19:59टालें
शुभ19:59 – 21:36शुभ
अमृत21:36 – 23:12शुभ
चर23:12 – 00:49सामान्य
रोग00:49 – 02:25टालें
काल02:25 – 04:01टालें
लाभ04:01 – 05:38शुभ
उद्वेग05:38 – 07:14टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1408:10दिन
चंद्र08:1009:06दिन
शनि09:0610:01दिन
गुरु10:0110:57दिन
मंगल10:5711:53दिन
सूर्य11:5312:49दिन
शुक्र12:4913:44दिन
बुध13:4414:40दिन
चंद्र14:4015:36दिन
शनि15:3616:32दिन
गुरु16:3217:27दिन
मंगल17:2718:23दिन
सूर्य18:2319:27रात
शुक्र19:2720:32रात
बुध20:3221:36रात
चंद्र21:3622:40रात
शनि22:4023:44रात
गुरु23:4400:49रात
मंगल00:4901:53रात
सूर्य01:5302:57रात
शुक्र02:5704:01रात
बुध04:0105:06रात
चंद्र05:0606:10रात
शनि06:1007:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां ठाणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2350° (लाहिड़ी)। समय ठाणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।