14 अगस्त 2028 को ठाणे का पंचांग

सोमवार, 14 अगस्त 2028, ठाणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 14 अगस्त 2028 को ठाणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (05:47, 15 अग॰ तक), नक्षत्र कृत्तिका (17:51 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है। राहुकाल 07:54 से 09:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 19:06
रात 06:19 तक
तिथि
नवमी, 05:47 तक
नक्षत्र
कृत्तिका, 17:51 तक
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अगस्त 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 05:47, 15 अग॰ तक
कृष्ण दशमी 05:12, 16 अग॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 18:20, 15 अग॰ तक
योग
ध्रुव 21:22 तक
व्याघातअशुभ 20:06, 15 अग॰ तक
करण
तैतिल 17:48 तक
गर 05:47, 15 अग॰ तक
वणिज 17:35, 15 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
19:06
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:37
दिनमान
12h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
07:54 – 09:30
यमगंड
11:06 – 12:42
गुलिक काल
14:18 – 15:54

14 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:18 – 07:54शुभ
काल07:54 – 09:30टालें
शुभ09:30 – 11:06शुभ
रोग11:06 – 12:42टालें
उद्वेग12:42 – 14:18टालें
चर14:18 – 15:54सामान्य
लाभ15:54 – 17:30शुभ
अमृत17:30 – 19:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:06 – 20:30सामान्य
रोग20:30 – 21:54टालें
काल21:54 – 23:18टालें
लाभ23:18 – 00:42शुभ
उद्वेग00:42 – 02:06टालें
शुभ02:06 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 04:55शुभ
चर04:55 – 06:19सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1807:22दिन
शनि07:2208:26दिन
गुरु08:2609:30दिन
मंगल09:3010:34दिन
सूर्य10:3411:38दिन
शुक्र11:3812:42दिन
बुध12:4213:46दिन
चंद्र13:4614:50दिन
शनि14:5015:54दिन
गुरु15:5416:58दिन
मंगल16:5818:02दिन
सूर्य18:0219:06दिन
शुक्र19:0620:02रात
बुध20:0220:58रात
चंद्र20:5821:54रात
शनि21:5422:50रात
गुरु22:5023:46रात
मंगल23:4600:42रात
सूर्य00:4201:38रात
शुक्र01:3802:34रात
बुध02:3403:30रात
चंद्र03:3004:27रात
शनि04:2705:23रात
गुरु05:2306:19रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 अग॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अग॰ 2028सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
18 अग॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अग॰ 2028भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
8 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां ठाणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2568° (लाहिड़ी)। समय ठाणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।