12 अप्रैल 2027 को टोरंटो का पंचांग

सोमवार, 12 अप्रैल 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

सोमवार, 12 अप्रैल 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (10:05 तक), नक्षत्र आर्द्रा (02:43, 13 अप्रैल तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 19:57 पर है। राहुकाल 08:19 से 09:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 19:57
रात 06:38 तक
तिथि
षष्ठी, 10:05 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 02:43 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 10:05 तक
शुक्ल सप्तमी 07:59, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 02:43, 13 अप्रैल तक
पुनर्वसु 01:22, 14 अप्रैल तक
योग
शोभन 07:18 तक
अतिगंडअशुभ 04:29, 13 अप्रैल तक
सुकर्मा 01:40, 14 अप्रैल तक
करण
तैतिल 10:05 तक
गर 21:02 तक
वणिज 07:59, 13 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
19:57
चंद्रोदय
10:21
चंद्रास्त
01:51
दिनमान
13h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:52 – 13:45

अशुभ समय

राहुकाल
08:19 – 09:59
यमगंड
11:39 – 13:18
गुलिक काल
14:58 – 16:37

12 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:40 – 08:19शुभ
काल08:19 – 09:59टालें
शुभ09:59 – 11:39शुभ
रोग11:39 – 13:18टालें
उद्वेग13:18 – 14:58टालें
चर14:58 – 16:37सामान्य
लाभ16:37 – 18:17शुभ
अमृत18:17 – 19:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:57 – 21:17सामान्य
रोग21:17 – 22:37टालें
काल22:37 – 23:57टालें
लाभ23:57 – 01:17शुभ
उद्वेग01:17 – 02:38टालें
शुभ02:38 – 03:58शुभ
अमृत03:58 – 05:18शुभ
चर05:18 – 06:38सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4007:46दिन
शनि07:4608:53दिन
गुरु08:5309:59दिन
मंगल09:5911:05दिन
सूर्य11:0512:12दिन
शुक्र12:1213:18दिन
बुध13:1814:25दिन
चंद्र14:2515:31दिन
शनि15:3116:37दिन
गुरु16:3717:44दिन
मंगल17:4418:50दिन
सूर्य18:5019:57दिन
शुक्र19:5720:50रात
बुध20:5021:44रात
चंद्र21:4422:37रात
शनि22:3723:31रात
गुरु23:3100:24रात
मंगल00:2401:17रात
सूर्य01:1702:11रात
शुक्र02:1103:04रात
बुध03:0403:58रात
चंद्र03:5804:51रात
शनि04:5105:45रात
गुरु05:4506:38रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 अप्रैल 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मई 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 मई 2027वैशाख अमावस्याअमावस्या
9 मई 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2381° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।