20 अप्रैल 2029 को टोरंटो का पंचांग

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2029, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2029 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (04:04, 21 अप्रैल तक), नक्षत्र आर्द्रा (07:16 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 20:07 पर है। राहुकाल 11:34 से 13:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 20:07
रात 06:24 तक
तिथि
सप्तमी, 04:04 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 04:04, 21 अप्रैल तक
शुक्ल अष्टमी 03:24, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 07:53, 21 अप्रैल तक
योग
सुकर्मा 19:16 तक
धृति 17:53, 21 अप्रैल तक
करण
गर 16:07 तक
वणिज 04:04, 21 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 15:50, 21 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मिथुन 01:48, 21 अप्रैल तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
20:07
चंद्रोदय
11:03
चंद्रास्त
01:44
दिनमान
13h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
12:49 – 13:44

अशुभ समय

राहुकाल
11:34 – 13:16
यमगंड
16:42 – 18:24
गुलिक काल
08:08 – 09:51

20 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:26 – 08:08सामान्य
लाभ08:08 – 09:51शुभ
अमृत09:51 – 11:34शुभ
काल11:34 – 13:16टालें
शुभ13:16 – 14:59शुभ
रोग14:59 – 16:42टालें
उद्वेग16:42 – 18:24टालें
चर18:24 – 20:07सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग20:07 – 21:24टालें
काल21:24 – 22:41टालें
लाभ22:41 – 23:58शुभ
उद्वेग23:58 – 01:15टालें
शुभ01:15 – 02:33शुभ
अमृत02:33 – 03:50शुभ
चर03:50 – 05:07सामान्य
रोग05:07 – 06:24टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2607:34दिन
बुध07:3408:42दिन
चंद्र08:4209:51दिन
शनि09:5110:59दिन
गुरु10:5912:08दिन
मंगल12:0813:16दिन
सूर्य13:1614:25दिन
शुक्र14:2515:33दिन
बुध15:3316:42दिन
चंद्र16:4217:50दिन
शनि17:5018:58दिन
गुरु18:5820:07दिन
मंगल20:0720:58रात
सूर्य20:5821:50रात
शुक्र21:5022:41रात
बुध22:4123:33रात
चंद्र23:3300:24रात
शनि00:2401:15रात
गुरु01:1502:07रात
मंगल02:0702:58रात
सूर्य02:5803:50रात
शुक्र03:5004:41रात
बुध04:4105:33रात
चंद्र05:3306:24रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 अप्रैल 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अप्रैल 2029चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
1 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2664° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।