24 अप्रैल 2029 को टोरंटो का पंचांग

मंगलवार, 24 अप्रैल 2029, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

मंगलवार, 24 अप्रैल 2029 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (21:07 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:19, 25 अप्रैल तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 20:12 पर है। राहुकाल 16:44 से 18:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 20:12
रात 06:18 तक
तिथि
एकादशी, 21:07 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:19 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 21:07 तक
शुक्ल द्वादशी 17:52, 25 अप्रैल तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 03:19, 25 अप्रैल तक
उत्तरा फाल्गुनी 00:43, 26 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 10:17 तक
ध्रुव 06:42, 25 अप्रैल तक
करण
वणिज 10:34 तक
विष्टि (भद्रा) 21:07 तक
बव 07:33, 25 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
20:12
चंद्रोदय
15:51
चंद्रास्त
03:52
दिनमान
13h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:48 – 13:43

अशुभ समय

राहुकाल
16:44 – 18:28
यमगंड
09:47 – 11:31
गुलिक काल
13:15 – 15:00

24 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:19 – 08:03टालें
उद्वेग08:03 – 09:47टालें
चर09:47 – 11:31सामान्य
लाभ11:31 – 13:15शुभ
अमृत13:15 – 15:00शुभ
काल15:00 – 16:44टालें
शुभ16:44 – 18:28शुभ
रोग18:28 – 20:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल20:12 – 21:27टालें
लाभ21:27 – 22:43शुभ
उद्वेग22:43 – 23:59टालें
शुभ23:59 – 01:15शुभ
अमृत01:15 – 02:30शुभ
चर02:30 – 03:46सामान्य
रोग03:46 – 05:02टालें
काल05:02 – 06:18टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1907:29दिन
सूर्य07:2908:38दिन
शुक्र08:3809:47दिन
बुध09:4710:57दिन
चंद्र10:5712:06दिन
शनि12:0613:15दिन
गुरु13:1514:25दिन
मंगल14:2515:34दिन
सूर्य15:3416:44दिन
शुक्र16:4417:53दिन
बुध17:5319:02दिन
चंद्र19:0220:12दिन
शनि20:1221:02रात
गुरु21:0221:53रात
मंगल21:5322:43रात
सूर्य22:4323:34रात
शुक्र23:3400:24रात
बुध00:2401:15रात
चंद्र01:1502:05रात
शनि02:0502:56रात
गुरु02:5603:46रात
मंगल03:4604:37रात
सूर्य04:3705:27रात
शुक्र05:2706:18रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 अप्रैल 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 अप्रैल 2029चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
1 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
23 मई 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2665° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।