केतु (Ketu)

केतु चंद्रमा का दक्षिणी पात (नोड) है। यह वैराग्य, पूर्वजन्म के कौशल, आध्यात्मिकता और मोक्ष का प्रतिनिधित्व करता है।

अभी केतु सिंह 2° 44′ 41″ पर, मघा नक्षत्र में है।

केतु किसका कारक है

  • आध्यात्मिकता और मोक्ष
  • अंतर्ज्ञान
  • वैराग्य
  • शोध और गूढ़ विद्याएँ

जब केतु बलवान हो

शुभ स्थिति में केतु अंतर्दृष्टि, आध्यात्मिक गहराई और सूक्ष्म विषयों पर पकड़ देता है।

जब केतु कमज़ोर हो

पीड़ित केतु भ्रम, अकेलापन और अचानक हानि ला सकता है।

हर भाव में केतु

रत्न केवल तभी पहनें जब कोई ज्योतिषी आपकी पूरी कुंडली देख ले — कठिन भावों के स्वामी ग्रह का रत्न नुकसान कर सकता है।