मघा नक्षत्र

मघा, यानी राजसिंहासन, पितरों (पूर्वजों) का नक्षत्र है। यह वंश पर गर्व, अधिकार और परंपरा के प्रति सम्मान देता है।

विशेषताएं

  • राजसी और स्वाभिमानी
  • परंपरा का आदर करने वाले
  • उदार
  • महत्वाकांक्षी

अनुकूल करियर

  • सरकारी सेवा
  • प्रबंधन
  • इतिहास और पुरातत्व
  • पारिवारिक व्यवसाय

पद (चरण)

पदराशिविस्तारनवांशनाम अक्षर
1सिंह0° 00′ 00″ – 3° 19′ 59″मेषMa
2सिंह3° 19′ 59″ – 6° 39′ 59″वृषभMi
3सिंह6° 40′ 00″ – 10° 00′ 00″मिथुनMu
4सिंह10° 00′ 00″ – 13° 20′ 00″कर्कMe

पिछला: आश्लेषा। अगला: पूर्वा फाल्गुनी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मघा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

केतु। जिनके जन्म के समय चंद्रमा मघा में होता है, उनका जीवन विंशोत्तरी पद्धति की केतु महादशा से शुरू होता है।

मघा के नाम अक्षर कौन-से हैं?

मघा के चार पद Ma, Mi, Mu, Me अक्षरों से जुड़े हैं। परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम जन्म के समय चंद्रमा के पद के अक्षर से शुरू होता है।

मघा किस गण और नाड़ी का है?

मघा राक्षस गण, अंत्य नाड़ी और मूषक योनि का है — ये कारक कुंडली मिलान में उपयोग होते हैं।