दशम भाव में राहु प्रबल महत्वाकांक्षा और तकनीक, राजनीति, मीडिया या विदेश से जुड़े करियर में सफलता देता है, कुछ अस्थिरता के साथ।
दशम भाव किसका कारक है
दशम भाव, यानी कर्म भाव, करियर, पद-प्रतिष्ठा, अधिकार, मान-सम्मान और संसार में आपके कर्म से जुड़ा है। यह उपचय (वृद्धि) भाव है, जहां समय और प्रयास के साथ परिणाम बेहतर होते हैं।
राहु क्या देता है
राहु चंद्रमा का उत्तरी पात (नोड) है, एक छाया ग्रह। यह इच्छा, महत्वाकांक्षा और लीक से हटकर चीज़ों को बढ़ा देता है, और विदेश व तकनीक से जुड़ा है।
परिणाम किन बातों से बदलता है
- राशि और अवस्था: राहु उच्च या स्वराशि में हो तो इस स्थिति का सबसे अच्छा रूप मिलता है; नीच या शत्रु राशि में हो तो कमज़ोर रूप।
- भाव स्वामित्व: आपके लग्न के लिए राहु किन भावों का स्वामी है, यह तय करता है कि वह दशम भाव में किन मामलों को लेकर आता है।
- दृष्टि और युति: गुरु की दृष्टि रक्षा करती है; शनि, मंगल या राहु दबाव बढ़ाते हैं।
- दशा: यह स्थिति राहु की अपनी महादशा या अंतर्दशा (18 वर्ष की महादशा) में सबसे अधिक फल देती है।