गुरु गोचर 2026
2026 में गुरु कब राशि बदलता है, कब वक्री और कब मार्गी होता है, और हर चंद्र राशि के लिए इसके गोचर का शास्त्रीय फल। समय भारतीय मानक समय (IST) में है।
1 जनवरी 2026 को गुरु मिथुन में है।
2026 में राशि परिवर्तन · वक्री और मार्गी
| तारीख और समय (IST) | घटना |
|---|---|
| 11 मार्च 2026, 09:45 | मिथुन में मार्गी |
| 2 जून 2026, 01:54 | कर्क में प्रवेश |
| 31 अक्टू॰ 2026, 12:09 | सिंह में प्रवेश |
| 13 दिस॰ 2026, 06:45 | सिंह में वक्री |
हर चंद्र राशि पर प्रभाव
आपकी चंद्र राशि से गिनकर, फलदीपिका के शास्त्रीय गोचर फल के अनुसार। अपनी चंद्र राशि चंद्र राशि कैलकुलेटर से जानें।
जब तक गुरु मिथुन में है (1 जन॰ 2026 – 2 जून 2026)
| मेष मेष से तृतीय भाव | चुनौतीपूर्ण तीसरे भाव में गुरु प्रयासों की गति धीमी कर सकता है और धैर्य की परीक्षा ले सकता है। लगातार काम करते रहें। |
| वृषभ वृषभ से द्वितीय भाव | अनुकूल दूसरे भाव में गुरु धन, बचत और पारिवारिक सुख में सहायक है। आपकी सलाह को महत्व मिलता है। |
| मिथुन मिथुन से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी राशि में गुरु अक्सर स्थान या भूमिका में बदलाव और कुछ बेचैनी लाता है। प्रगति होती है, पर तालमेल बैठाने के बाद। |
| कर्क कर्क से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में गुरु खर्च बढ़ाता है, अक्सर यात्रा या अच्छे कार्यों पर। बजट सावधानी से बनाएँ। |
| सिंह सिंह से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में गुरु लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और प्रभावशाली मित्रों का सहयोग देता है। |
| कन्या कन्या से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें। |
| तुला तुला से नवम भाव | अनुकूल नवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद। |
| वृश्चिक वृश्चिक से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में गुरु बाधाएँ और देरी लाता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जोखिम भरे निवेश से बचें। |
| धनु धनु से सप्तम भाव | अनुकूल सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और यात्रा के अनुकूल है। प्रतिबद्धताओं के लिए अच्छा समय। |
| मकर मकर से षष्ठ भाव | चुनौतीपूर्ण छठे भाव में गुरु स्वास्थ्य समस्याएँ या परेशान करने वाले प्रतिद्वंद्वी ला सकता है। कर्ज़ लेने से बचें। |
| कुंभ कुंभ से पंचम भाव | अनुकूल पाँचवें भाव में गुरु संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और सही निर्णय-क्षमता के लिए उत्तम है। |
| मीन मीन से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में गुरु पारिवारिक चिंताएँ या घर और संपत्ति से जुड़े बदलाव ला सकता है। |
जब तक गुरु कर्क में है (2 जून 2026 – 31 अक्टू॰ 2026)
| मेष मेष से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में गुरु पारिवारिक चिंताएँ या घर और संपत्ति से जुड़े बदलाव ला सकता है। |
| वृषभ वृषभ से तृतीय भाव | चुनौतीपूर्ण तीसरे भाव में गुरु प्रयासों की गति धीमी कर सकता है और धैर्य की परीक्षा ले सकता है। लगातार काम करते रहें। |
| मिथुन मिथुन से द्वितीय भाव | अनुकूल दूसरे भाव में गुरु धन, बचत और पारिवारिक सुख में सहायक है। आपकी सलाह को महत्व मिलता है। |
| कर्क कर्क से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी राशि में गुरु अक्सर स्थान या भूमिका में बदलाव और कुछ बेचैनी लाता है। प्रगति होती है, पर तालमेल बैठाने के बाद। |
| सिंह सिंह से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में गुरु खर्च बढ़ाता है, अक्सर यात्रा या अच्छे कार्यों पर। बजट सावधानी से बनाएँ। |
| कन्या कन्या से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में गुरु लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और प्रभावशाली मित्रों का सहयोग देता है। |
| तुला तुला से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें। |
| वृश्चिक वृश्चिक से नवम भाव | अनुकूल नवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद। |
| धनु धनु से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में गुरु बाधाएँ और देरी लाता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जोखिम भरे निवेश से बचें। |
| मकर मकर से सप्तम भाव | अनुकूल सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और यात्रा के अनुकूल है। प्रतिबद्धताओं के लिए अच्छा समय। |
| कुंभ कुंभ से षष्ठ भाव | चुनौतीपूर्ण छठे भाव में गुरु स्वास्थ्य समस्याएँ या परेशान करने वाले प्रतिद्वंद्वी ला सकता है। कर्ज़ लेने से बचें। |
| मीन मीन से पंचम भाव | अनुकूल पाँचवें भाव में गुरु संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और सही निर्णय-क्षमता के लिए उत्तम है। |
जब तक गुरु सिंह में है (31 अक्टू॰ 2026 – 31 दिस॰ 2026)
| मेष मेष से पंचम भाव | अनुकूल पाँचवें भाव में गुरु संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और सही निर्णय-क्षमता के लिए उत्तम है। |
| वृषभ वृषभ से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में गुरु पारिवारिक चिंताएँ या घर और संपत्ति से जुड़े बदलाव ला सकता है। |
| मिथुन मिथुन से तृतीय भाव | चुनौतीपूर्ण तीसरे भाव में गुरु प्रयासों की गति धीमी कर सकता है और धैर्य की परीक्षा ले सकता है। लगातार काम करते रहें। |
| कर्क कर्क से द्वितीय भाव | अनुकूल दूसरे भाव में गुरु धन, बचत और पारिवारिक सुख में सहायक है। आपकी सलाह को महत्व मिलता है। |
| सिंह सिंह से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी राशि में गुरु अक्सर स्थान या भूमिका में बदलाव और कुछ बेचैनी लाता है। प्रगति होती है, पर तालमेल बैठाने के बाद। |
| कन्या कन्या से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में गुरु खर्च बढ़ाता है, अक्सर यात्रा या अच्छे कार्यों पर। बजट सावधानी से बनाएँ। |
| तुला तुला से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में गुरु लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और प्रभावशाली मित्रों का सहयोग देता है। |
| वृश्चिक वृश्चिक से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें। |
| धनु धनु से नवम भाव | अनुकूल नवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद। |
| मकर मकर से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में गुरु बाधाएँ और देरी लाता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जोखिम भरे निवेश से बचें। |
| कुंभ कुंभ से सप्तम भाव | अनुकूल सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और यात्रा के अनुकूल है। प्रतिबद्धताओं के लिए अच्छा समय। |
| मीन मीन से षष्ठ भाव | चुनौतीपूर्ण छठे भाव में गुरु स्वास्थ्य समस्याएँ या परेशान करने वाले प्रतिद्वंद्वी ला सकता है। कर्ज़ लेने से बचें। |
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में गुरु कब राशि बदलता है?
कर्क में प्रवेश: 2 जून 2026, 01:54; सिंह में प्रवेश: 31 अक्टू॰ 2026, 12:09
क्या 2026 में गुरु वक्री होगा?
मिथुन में मार्गी: 11 मार्च 2026; सिंह में वक्री: 13 दिसंबर 2026