गुरु किसका कारक है
- ज्ञान और उच्च शिक्षा
- संतान और गुरुजन
- धन और भाग्य
- लीवर और चर्बी
जब गुरु बलवान हो
बलवान गुरु अच्छी निर्णय-क्षमता, नैतिकता, समृद्धि और सम्मान देता है।
जब गुरु कमज़ोर हो
कमज़ोर गुरु गलत निर्णय, अति-आत्मविश्वास या संतान व गुरुजनों से जुड़ी बाधाएँ ला सकता है।
हर भाव में गुरु
प्रथम भाव में गुरुद्वितीय भाव में गुरुतृतीय भाव में गुरुचतुर्थ भाव में गुरुपंचम भाव में गुरुषष्ठ भाव में गुरुसप्तम भाव में गुरुअष्टम भाव में गुरुनवम भाव में गुरुदशम भाव में गुरुएकादश भाव में गुरुद्वादश भाव में गुरु
रत्न केवल तभी पहनें जब कोई ज्योतिषी आपकी पूरी कुंडली देख ले — कठिन भावों के स्वामी ग्रह का रत्न नुकसान कर सकता है।