विशाखा नक्षत्र

विशाखा, यानी विजय-तोरण, इंद्र और अग्नि का नक्षत्र है। यह लक्ष्य-केंद्रित और दृढ़निश्चयी है, चुनी हुई उपलब्धि के लिए लंबे समय तक मेहनत करने को तैयार रहता है।

विशेषताएं

  • महत्वाकांक्षी
  • एकाग्र
  • प्रतिस्पर्धी
  • प्रभावशाली वक्ता

अनुकूल करियर

  • राजनीति
  • शोध
  • सेल्स
  • नेतृत्व की भूमिकाएँ

पद (चरण)

पदराशिविस्तारनवांशनाम अक्षर
1तुला20° 00′ 00″ – 23° 20′ 00″मेषTi
2तुला23° 20′ 00″ – 26° 40′ 00″वृषभTu
3तुला26° 39′ 59″ – 30° 00′ 00″मिथुनTe
4वृश्चिक0° 00′ 00″ – 3° 20′ 00″कर्कTo

पिछला: स्वाति। अगला: अनुराधा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

गुरु। जिनके जन्म के समय चंद्रमा विशाखा में होता है, उनका जीवन विंशोत्तरी पद्धति की गुरु महादशा से शुरू होता है।

विशाखा के नाम अक्षर कौन-से हैं?

विशाखा के चार पद Ti, Tu, Te, To अक्षरों से जुड़े हैं। परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम जन्म के समय चंद्रमा के पद के अक्षर से शुरू होता है।

विशाखा किस गण और नाड़ी का है?

विशाखा राक्षस गण, अंत्य नाड़ी और व्याघ्र योनि का है — ये कारक कुंडली मिलान में उपयोग होते हैं।