गुरु गोचर 2030
2030 में गुरु कब राशि बदलता है, कब वक्री और कब मार्गी होता है, और हर चंद्र राशि के लिए इसके गोचर का शास्त्रीय फल। समय भारतीय मानक समय (IST) में है।
1 जनवरी 2030 को गुरु तुला में है।
2030 में राशि परिवर्तन · वक्री और मार्गी
| तारीख और समय (IST) | घटना |
|---|---|
| 25 जन॰ 2030, 02:00 | वृश्चिक में प्रवेश |
| 13 मार्च 2030, 20:15 | वृश्चिक में वक्री |
| 1 मई 2030, 14:11 | तुला में प्रवेश (वक्री) |
| 15 जुल॰ 2030, 07:30 | तुला में मार्गी |
| 23 सित॰ 2030, 02:26 | वृश्चिक में प्रवेश |
हर चंद्र राशि पर प्रभाव
आपकी चंद्र राशि से गिनकर, फलदीपिका के शास्त्रीय गोचर फल के अनुसार। अपनी चंद्र राशि चंद्र राशि कैलकुलेटर से जानें।
जब तक गुरु तुला में है (1 जन॰ 2030 – 25 जन॰ 2030)
| मेष मेष से सप्तम भाव | अनुकूल सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और यात्रा के अनुकूल है। प्रतिबद्धताओं के लिए अच्छा समय। |
| वृषभ वृषभ से षष्ठ भाव | चुनौतीपूर्ण छठे भाव में गुरु स्वास्थ्य समस्याएँ या परेशान करने वाले प्रतिद्वंद्वी ला सकता है। कर्ज़ लेने से बचें। |
| मिथुन मिथुन से पंचम भाव | अनुकूल पाँचवें भाव में गुरु संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और सही निर्णय-क्षमता के लिए उत्तम है। |
| कर्क कर्क से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में गुरु पारिवारिक चिंताएँ या घर और संपत्ति से जुड़े बदलाव ला सकता है। |
| सिंह सिंह से तृतीय भाव | चुनौतीपूर्ण तीसरे भाव में गुरु प्रयासों की गति धीमी कर सकता है और धैर्य की परीक्षा ले सकता है। लगातार काम करते रहें। |
| कन्या कन्या से द्वितीय भाव | अनुकूल दूसरे भाव में गुरु धन, बचत और पारिवारिक सुख में सहायक है। आपकी सलाह को महत्व मिलता है। |
| तुला तुला से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी राशि में गुरु अक्सर स्थान या भूमिका में बदलाव और कुछ बेचैनी लाता है। प्रगति होती है, पर तालमेल बैठाने के बाद। |
| वृश्चिक वृश्चिक से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में गुरु खर्च बढ़ाता है, अक्सर यात्रा या अच्छे कार्यों पर। बजट सावधानी से बनाएँ। |
| धनु धनु से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में गुरु लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और प्रभावशाली मित्रों का सहयोग देता है। |
| मकर मकर से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें। |
| कुंभ कुंभ से नवम भाव | अनुकूल नवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद। |
| मीन मीन से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में गुरु बाधाएँ और देरी लाता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जोखिम भरे निवेश से बचें। |
जब तक गुरु वृश्चिक में है (25 जन॰ 2030 – 1 मई 2030)
| मेष मेष से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में गुरु बाधाएँ और देरी लाता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जोखिम भरे निवेश से बचें। |
| वृषभ वृषभ से सप्तम भाव | अनुकूल सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और यात्रा के अनुकूल है। प्रतिबद्धताओं के लिए अच्छा समय। |
| मिथुन मिथुन से षष्ठ भाव | चुनौतीपूर्ण छठे भाव में गुरु स्वास्थ्य समस्याएँ या परेशान करने वाले प्रतिद्वंद्वी ला सकता है। कर्ज़ लेने से बचें। |
| कर्क कर्क से पंचम भाव | अनुकूल पाँचवें भाव में गुरु संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और सही निर्णय-क्षमता के लिए उत्तम है। |
| सिंह सिंह से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में गुरु पारिवारिक चिंताएँ या घर और संपत्ति से जुड़े बदलाव ला सकता है। |
| कन्या कन्या से तृतीय भाव | चुनौतीपूर्ण तीसरे भाव में गुरु प्रयासों की गति धीमी कर सकता है और धैर्य की परीक्षा ले सकता है। लगातार काम करते रहें। |
| तुला तुला से द्वितीय भाव | अनुकूल दूसरे भाव में गुरु धन, बचत और पारिवारिक सुख में सहायक है। आपकी सलाह को महत्व मिलता है। |
| वृश्चिक वृश्चिक से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी राशि में गुरु अक्सर स्थान या भूमिका में बदलाव और कुछ बेचैनी लाता है। प्रगति होती है, पर तालमेल बैठाने के बाद। |
| धनु धनु से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में गुरु खर्च बढ़ाता है, अक्सर यात्रा या अच्छे कार्यों पर। बजट सावधानी से बनाएँ। |
| मकर मकर से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में गुरु लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और प्रभावशाली मित्रों का सहयोग देता है। |
| कुंभ कुंभ से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें। |
| मीन मीन से नवम भाव | अनुकूल नवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद। |
जब तक गुरु तुला में है (1 मई 2030 – 23 सित॰ 2030)
| मेष मेष से सप्तम भाव | अनुकूल सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और यात्रा के अनुकूल है। प्रतिबद्धताओं के लिए अच्छा समय। |
| वृषभ वृषभ से षष्ठ भाव | चुनौतीपूर्ण छठे भाव में गुरु स्वास्थ्य समस्याएँ या परेशान करने वाले प्रतिद्वंद्वी ला सकता है। कर्ज़ लेने से बचें। |
| मिथुन मिथुन से पंचम भाव | अनुकूल पाँचवें भाव में गुरु संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और सही निर्णय-क्षमता के लिए उत्तम है। |
| कर्क कर्क से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में गुरु पारिवारिक चिंताएँ या घर और संपत्ति से जुड़े बदलाव ला सकता है। |
| सिंह सिंह से तृतीय भाव | चुनौतीपूर्ण तीसरे भाव में गुरु प्रयासों की गति धीमी कर सकता है और धैर्य की परीक्षा ले सकता है। लगातार काम करते रहें। |
| कन्या कन्या से द्वितीय भाव | अनुकूल दूसरे भाव में गुरु धन, बचत और पारिवारिक सुख में सहायक है। आपकी सलाह को महत्व मिलता है। |
| तुला तुला से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी राशि में गुरु अक्सर स्थान या भूमिका में बदलाव और कुछ बेचैनी लाता है। प्रगति होती है, पर तालमेल बैठाने के बाद। |
| वृश्चिक वृश्चिक से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में गुरु खर्च बढ़ाता है, अक्सर यात्रा या अच्छे कार्यों पर। बजट सावधानी से बनाएँ। |
| धनु धनु से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में गुरु लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और प्रभावशाली मित्रों का सहयोग देता है। |
| मकर मकर से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें। |
| कुंभ कुंभ से नवम भाव | अनुकूल नवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद। |
| मीन मीन से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में गुरु बाधाएँ और देरी लाता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जोखिम भरे निवेश से बचें। |
जब तक गुरु वृश्चिक में है (23 सित॰ 2030 – 31 दिस॰ 2030)
| मेष मेष से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में गुरु बाधाएँ और देरी लाता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जोखिम भरे निवेश से बचें। |
| वृषभ वृषभ से सप्तम भाव | अनुकूल सातवें भाव में गुरु विवाह, साझेदारी और यात्रा के अनुकूल है। प्रतिबद्धताओं के लिए अच्छा समय। |
| मिथुन मिथुन से षष्ठ भाव | चुनौतीपूर्ण छठे भाव में गुरु स्वास्थ्य समस्याएँ या परेशान करने वाले प्रतिद्वंद्वी ला सकता है। कर्ज़ लेने से बचें। |
| कर्क कर्क से पंचम भाव | अनुकूल पाँचवें भाव में गुरु संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और सही निर्णय-क्षमता के लिए उत्तम है। |
| सिंह सिंह से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में गुरु पारिवारिक चिंताएँ या घर और संपत्ति से जुड़े बदलाव ला सकता है। |
| कन्या कन्या से तृतीय भाव | चुनौतीपूर्ण तीसरे भाव में गुरु प्रयासों की गति धीमी कर सकता है और धैर्य की परीक्षा ले सकता है। लगातार काम करते रहें। |
| तुला तुला से द्वितीय भाव | अनुकूल दूसरे भाव में गुरु धन, बचत और पारिवारिक सुख में सहायक है। आपकी सलाह को महत्व मिलता है। |
| वृश्चिक वृश्चिक से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी राशि में गुरु अक्सर स्थान या भूमिका में बदलाव और कुछ बेचैनी लाता है। प्रगति होती है, पर तालमेल बैठाने के बाद। |
| धनु धनु से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में गुरु खर्च बढ़ाता है, अक्सर यात्रा या अच्छे कार्यों पर। बजट सावधानी से बनाएँ। |
| मकर मकर से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में गुरु लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और प्रभावशाली मित्रों का सहयोग देता है। |
| कुंभ कुंभ से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में गुरु करियर में दबाव या बदलाव ला सकता है। नैतिकता और धैर्य बनाए रखें। |
| मीन मीन से नवम भाव | अनुकूल नवम भाव में गुरु अपनी सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक में होता है — भाग्य, मार्गदर्शन, तीर्थयात्रा और बड़ों का आशीर्वाद। |
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2030 में गुरु कब राशि बदलता है?
वृश्चिक में प्रवेश: 25 जन॰ 2030, 02:00; तुला में प्रवेश: 1 मई 2030, 14:11; वृश्चिक में प्रवेश: 23 सित॰ 2030, 02:26
क्या 2030 में गुरु वक्री होगा?
वृश्चिक में वक्री: 13 मार्च 2030; तुला में मार्गी: 15 जुलाई 2030