शनि गोचर 2017

2017 में शनि कब राशि बदलता है, कब वक्री और कब मार्गी होता है, और हर चंद्र राशि के लिए इसके गोचर का शास्त्रीय फल। समय भारतीय मानक समय (IST) में है।

1 जनवरी 2017 को शनि वृश्चिक में है।

2017 में राशि परिवर्तन · वक्री और मार्गी

तारीख और समय (IST)घटना
26 जन॰ 2017, 19:26धनु में प्रवेश
6 अप्रैल 2017, 10:30धनु में वक्री
21 जून 2017, 04:48वृश्चिक में प्रवेश (वक्री)
25 अग॰ 2017, 18:00वृश्चिक में मार्गी
26 अक्टू॰ 2017, 15:19धनु में प्रवेश

हर चंद्र राशि पर प्रभाव

आपकी चंद्र राशि से गिनकर, फलदीपिका के शास्त्रीय गोचर फल के अनुसार। अपनी चंद्र राशि चंद्र राशि कैलकुलेटर से जानें।

जब तक शनि वृश्चिक में है (1 जन॰ 2017 – 26 जन॰ 2017)

मेष
मेष से अष्टम भाव
चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए परीक्षा का समय है। शॉर्टकट और जोखिम भरे कामों से बचें।
वृषभ
वृषभ से सप्तम भाव
चुनौतीपूर्ण सातवें भाव में शनि विवाह और साझेदारी में तनाव तथा थकाने वाली यात्राएँ ला सकता है। प्रतिबद्धता और धैर्य से मदद मिलती है।
मिथुन
मिथुन से षष्ठ भाव
अनुकूल छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है।
कर्क
कर्क से पंचम भाव
चुनौतीपूर्ण पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है।
सिंह
सिंह से चतुर्थ भाव
चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में शनि (कंटक शनि) घर, संपत्ति या माता के स्वास्थ्य को लेकर बोझ लाता है। शांत और व्यवस्थित रहें।
कन्या
कन्या से तृतीय भाव
अनुकूल तीसरे भाव में शनि लगातार प्रयास का पुरस्कार देता है। साहस, स्थिरता और मेहनत से लाभ बढ़ते हैं।
तुला
तुला से द्वितीय भाव
चुनौतीपूर्ण दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) आर्थिक और पारिवारिक मामलों में तंगी लाता है। सोच-समझकर बचत करें और विनम्रता से बोलें।
वृश्चिक
वृश्चिक से प्रथम भाव
चुनौतीपूर्ण आपकी अपनी राशि में शनि (साढ़ेसाती का चरम) अनुशासन और धैर्य माँगता है। स्वास्थ्य, काम के बोझ और ज़िम्मेदारियों पर लगातार ध्यान देना ज़रूरी है।
धनु
धनु से द्वादश भाव
चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें।
मकर
मकर से एकादश भाव
अनुकूल एकादश भाव में शनि फलदायी समय है — स्थिर लाभ, पहचान और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पूर्ति।
कुंभ
कुंभ से दशम भाव
चुनौतीपूर्ण दशम भाव में शनि (कंटक शनि) कार्यस्थल पर भारी ज़िम्मेदारी लाता है। अभी की गई लगन स्थायी प्रतिष्ठा बनाती है।
मीन
मीन से नवम भाव
चुनौतीपूर्ण नवम भाव में शनि भाग्य और बड़ों के सहयोग में देरी कर सकता है। फल संयोग से नहीं, लगन से मिलते हैं।

जब तक शनि धनु में है (26 जन॰ 2017 – 21 जून 2017)

मेष
मेष से नवम भाव
चुनौतीपूर्ण नवम भाव में शनि भाग्य और बड़ों के सहयोग में देरी कर सकता है। फल संयोग से नहीं, लगन से मिलते हैं।
वृषभ
वृषभ से अष्टम भाव
चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए परीक्षा का समय है। शॉर्टकट और जोखिम भरे कामों से बचें।
मिथुन
मिथुन से सप्तम भाव
चुनौतीपूर्ण सातवें भाव में शनि विवाह और साझेदारी में तनाव तथा थकाने वाली यात्राएँ ला सकता है। प्रतिबद्धता और धैर्य से मदद मिलती है।
कर्क
कर्क से षष्ठ भाव
अनुकूल छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है।
सिंह
सिंह से पंचम भाव
चुनौतीपूर्ण पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है।
कन्या
कन्या से चतुर्थ भाव
चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में शनि (कंटक शनि) घर, संपत्ति या माता के स्वास्थ्य को लेकर बोझ लाता है। शांत और व्यवस्थित रहें।
तुला
तुला से तृतीय भाव
अनुकूल तीसरे भाव में शनि लगातार प्रयास का पुरस्कार देता है। साहस, स्थिरता और मेहनत से लाभ बढ़ते हैं।
वृश्चिक
वृश्चिक से द्वितीय भाव
चुनौतीपूर्ण दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) आर्थिक और पारिवारिक मामलों में तंगी लाता है। सोच-समझकर बचत करें और विनम्रता से बोलें।
धनु
धनु से प्रथम भाव
चुनौतीपूर्ण आपकी अपनी राशि में शनि (साढ़ेसाती का चरम) अनुशासन और धैर्य माँगता है। स्वास्थ्य, काम के बोझ और ज़िम्मेदारियों पर लगातार ध्यान देना ज़रूरी है।
मकर
मकर से द्वादश भाव
चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें।
कुंभ
कुंभ से एकादश भाव
अनुकूल एकादश भाव में शनि फलदायी समय है — स्थिर लाभ, पहचान और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पूर्ति।
मीन
मीन से दशम भाव
चुनौतीपूर्ण दशम भाव में शनि (कंटक शनि) कार्यस्थल पर भारी ज़िम्मेदारी लाता है। अभी की गई लगन स्थायी प्रतिष्ठा बनाती है।

जब तक शनि वृश्चिक में है (21 जून 2017 – 26 अक्टू॰ 2017)

मेष
मेष से अष्टम भाव
चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए परीक्षा का समय है। शॉर्टकट और जोखिम भरे कामों से बचें।
वृषभ
वृषभ से सप्तम भाव
चुनौतीपूर्ण सातवें भाव में शनि विवाह और साझेदारी में तनाव तथा थकाने वाली यात्राएँ ला सकता है। प्रतिबद्धता और धैर्य से मदद मिलती है।
मिथुन
मिथुन से षष्ठ भाव
अनुकूल छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है।
कर्क
कर्क से पंचम भाव
चुनौतीपूर्ण पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है।
सिंह
सिंह से चतुर्थ भाव
चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में शनि (कंटक शनि) घर, संपत्ति या माता के स्वास्थ्य को लेकर बोझ लाता है। शांत और व्यवस्थित रहें।
कन्या
कन्या से तृतीय भाव
अनुकूल तीसरे भाव में शनि लगातार प्रयास का पुरस्कार देता है। साहस, स्थिरता और मेहनत से लाभ बढ़ते हैं।
तुला
तुला से द्वितीय भाव
चुनौतीपूर्ण दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) आर्थिक और पारिवारिक मामलों में तंगी लाता है। सोच-समझकर बचत करें और विनम्रता से बोलें।
वृश्चिक
वृश्चिक से प्रथम भाव
चुनौतीपूर्ण आपकी अपनी राशि में शनि (साढ़ेसाती का चरम) अनुशासन और धैर्य माँगता है। स्वास्थ्य, काम के बोझ और ज़िम्मेदारियों पर लगातार ध्यान देना ज़रूरी है।
धनु
धनु से द्वादश भाव
चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें।
मकर
मकर से एकादश भाव
अनुकूल एकादश भाव में शनि फलदायी समय है — स्थिर लाभ, पहचान और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पूर्ति।
कुंभ
कुंभ से दशम भाव
चुनौतीपूर्ण दशम भाव में शनि (कंटक शनि) कार्यस्थल पर भारी ज़िम्मेदारी लाता है। अभी की गई लगन स्थायी प्रतिष्ठा बनाती है।
मीन
मीन से नवम भाव
चुनौतीपूर्ण नवम भाव में शनि भाग्य और बड़ों के सहयोग में देरी कर सकता है। फल संयोग से नहीं, लगन से मिलते हैं।

जब तक शनि धनु में है (26 अक्टू॰ 2017 – 31 दिस॰ 2017)

मेष
मेष से नवम भाव
चुनौतीपूर्ण नवम भाव में शनि भाग्य और बड़ों के सहयोग में देरी कर सकता है। फल संयोग से नहीं, लगन से मिलते हैं।
वृषभ
वृषभ से अष्टम भाव
चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए परीक्षा का समय है। शॉर्टकट और जोखिम भरे कामों से बचें।
मिथुन
मिथुन से सप्तम भाव
चुनौतीपूर्ण सातवें भाव में शनि विवाह और साझेदारी में तनाव तथा थकाने वाली यात्राएँ ला सकता है। प्रतिबद्धता और धैर्य से मदद मिलती है।
कर्क
कर्क से षष्ठ भाव
अनुकूल छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है।
सिंह
सिंह से पंचम भाव
चुनौतीपूर्ण पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है।
कन्या
कन्या से चतुर्थ भाव
चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में शनि (कंटक शनि) घर, संपत्ति या माता के स्वास्थ्य को लेकर बोझ लाता है। शांत और व्यवस्थित रहें।
तुला
तुला से तृतीय भाव
अनुकूल तीसरे भाव में शनि लगातार प्रयास का पुरस्कार देता है। साहस, स्थिरता और मेहनत से लाभ बढ़ते हैं।
वृश्चिक
वृश्चिक से द्वितीय भाव
चुनौतीपूर्ण दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) आर्थिक और पारिवारिक मामलों में तंगी लाता है। सोच-समझकर बचत करें और विनम्रता से बोलें।
धनु
धनु से प्रथम भाव
चुनौतीपूर्ण आपकी अपनी राशि में शनि (साढ़ेसाती का चरम) अनुशासन और धैर्य माँगता है। स्वास्थ्य, काम के बोझ और ज़िम्मेदारियों पर लगातार ध्यान देना ज़रूरी है।
मकर
मकर से द्वादश भाव
चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें।
कुंभ
कुंभ से एकादश भाव
अनुकूल एकादश भाव में शनि फलदायी समय है — स्थिर लाभ, पहचान और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पूर्ति।
मीन
मीन से दशम भाव
चुनौतीपूर्ण दशम भाव में शनि (कंटक शनि) कार्यस्थल पर भारी ज़िम्मेदारी लाता है। अभी की गई लगन स्थायी प्रतिष्ठा बनाती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2017 में शनि कब राशि बदलता है?

धनु में प्रवेश: 26 जन॰ 2017, 19:26; वृश्चिक में प्रवेश: 21 जून 2017, 04:48; धनु में प्रवेश: 26 अक्टू॰ 2017, 15:19

क्या 2017 में शनि वक्री होगा?

धनु में वक्री: 6 अप्रैल 2017; वृश्चिक में मार्गी: 25 अगस्त 2017