शनि गोचर 2022
2022 में शनि कब राशि बदलता है, कब वक्री और कब मार्गी होता है, और हर चंद्र राशि के लिए इसके गोचर का शास्त्रीय फल। समय भारतीय मानक समय (IST) में है।
1 जनवरी 2022 को शनि मकर में है।
2022 में राशि परिवर्तन · वक्री और मार्गी
| तारीख और समय (IST) | घटना |
|---|---|
| 29 अप्रैल 2022, 07:50 | कुंभ में प्रवेश |
| 5 जून 2022, 03:00 | कुंभ में वक्री |
| 12 जुल॰ 2022, 14:49 | मकर में प्रवेश (वक्री) |
| 23 अक्टू॰ 2022, 09:45 | मकर में मार्गी |
हर चंद्र राशि पर प्रभाव
आपकी चंद्र राशि से गिनकर, फलदीपिका के शास्त्रीय गोचर फल के अनुसार। अपनी चंद्र राशि चंद्र राशि कैलकुलेटर से जानें।
जब तक शनि मकर में है (1 जन॰ 2022 – 29 अप्रैल 2022)
| मेष मेष से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में शनि (कंटक शनि) कार्यस्थल पर भारी ज़िम्मेदारी लाता है। अभी की गई लगन स्थायी प्रतिष्ठा बनाती है। |
| वृषभ वृषभ से नवम भाव | चुनौतीपूर्ण नवम भाव में शनि भाग्य और बड़ों के सहयोग में देरी कर सकता है। फल संयोग से नहीं, लगन से मिलते हैं। |
| मिथुन मिथुन से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए परीक्षा का समय है। शॉर्टकट और जोखिम भरे कामों से बचें। |
| कर्क कर्क से सप्तम भाव | चुनौतीपूर्ण सातवें भाव में शनि विवाह और साझेदारी में तनाव तथा थकाने वाली यात्राएँ ला सकता है। प्रतिबद्धता और धैर्य से मदद मिलती है। |
| सिंह सिंह से षष्ठ भाव | अनुकूल छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है। |
| कन्या कन्या से पंचम भाव | चुनौतीपूर्ण पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है। |
| तुला तुला से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में शनि (कंटक शनि) घर, संपत्ति या माता के स्वास्थ्य को लेकर बोझ लाता है। शांत और व्यवस्थित रहें। |
| वृश्चिक वृश्चिक से तृतीय भाव | अनुकूल तीसरे भाव में शनि लगातार प्रयास का पुरस्कार देता है। साहस, स्थिरता और मेहनत से लाभ बढ़ते हैं। |
| धनु धनु से द्वितीय भाव | चुनौतीपूर्ण दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) आर्थिक और पारिवारिक मामलों में तंगी लाता है। सोच-समझकर बचत करें और विनम्रता से बोलें। |
| मकर मकर से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी अपनी राशि में शनि (साढ़ेसाती का चरम) अनुशासन और धैर्य माँगता है। स्वास्थ्य, काम के बोझ और ज़िम्मेदारियों पर लगातार ध्यान देना ज़रूरी है। |
| कुंभ कुंभ से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें। |
| मीन मीन से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में शनि फलदायी समय है — स्थिर लाभ, पहचान और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पूर्ति। |
जब तक शनि कुंभ में है (29 अप्रैल 2022 – 12 जुल॰ 2022)
| मेष मेष से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में शनि फलदायी समय है — स्थिर लाभ, पहचान और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पूर्ति। |
| वृषभ वृषभ से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में शनि (कंटक शनि) कार्यस्थल पर भारी ज़िम्मेदारी लाता है। अभी की गई लगन स्थायी प्रतिष्ठा बनाती है। |
| मिथुन मिथुन से नवम भाव | चुनौतीपूर्ण नवम भाव में शनि भाग्य और बड़ों के सहयोग में देरी कर सकता है। फल संयोग से नहीं, लगन से मिलते हैं। |
| कर्क कर्क से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए परीक्षा का समय है। शॉर्टकट और जोखिम भरे कामों से बचें। |
| सिंह सिंह से सप्तम भाव | चुनौतीपूर्ण सातवें भाव में शनि विवाह और साझेदारी में तनाव तथा थकाने वाली यात्राएँ ला सकता है। प्रतिबद्धता और धैर्य से मदद मिलती है। |
| कन्या कन्या से षष्ठ भाव | अनुकूल छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है। |
| तुला तुला से पंचम भाव | चुनौतीपूर्ण पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है। |
| वृश्चिक वृश्चिक से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में शनि (कंटक शनि) घर, संपत्ति या माता के स्वास्थ्य को लेकर बोझ लाता है। शांत और व्यवस्थित रहें। |
| धनु धनु से तृतीय भाव | अनुकूल तीसरे भाव में शनि लगातार प्रयास का पुरस्कार देता है। साहस, स्थिरता और मेहनत से लाभ बढ़ते हैं। |
| मकर मकर से द्वितीय भाव | चुनौतीपूर्ण दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) आर्थिक और पारिवारिक मामलों में तंगी लाता है। सोच-समझकर बचत करें और विनम्रता से बोलें। |
| कुंभ कुंभ से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी अपनी राशि में शनि (साढ़ेसाती का चरम) अनुशासन और धैर्य माँगता है। स्वास्थ्य, काम के बोझ और ज़िम्मेदारियों पर लगातार ध्यान देना ज़रूरी है। |
| मीन मीन से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें। |
जब तक शनि मकर में है (12 जुल॰ 2022 – 31 दिस॰ 2022)
| मेष मेष से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में शनि (कंटक शनि) कार्यस्थल पर भारी ज़िम्मेदारी लाता है। अभी की गई लगन स्थायी प्रतिष्ठा बनाती है। |
| वृषभ वृषभ से नवम भाव | चुनौतीपूर्ण नवम भाव में शनि भाग्य और बड़ों के सहयोग में देरी कर सकता है। फल संयोग से नहीं, लगन से मिलते हैं। |
| मिथुन मिथुन से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए परीक्षा का समय है। शॉर्टकट और जोखिम भरे कामों से बचें। |
| कर्क कर्क से सप्तम भाव | चुनौतीपूर्ण सातवें भाव में शनि विवाह और साझेदारी में तनाव तथा थकाने वाली यात्राएँ ला सकता है। प्रतिबद्धता और धैर्य से मदद मिलती है। |
| सिंह सिंह से षष्ठ भाव | अनुकूल छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है। |
| कन्या कन्या से पंचम भाव | चुनौतीपूर्ण पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है। |
| तुला तुला से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में शनि (कंटक शनि) घर, संपत्ति या माता के स्वास्थ्य को लेकर बोझ लाता है। शांत और व्यवस्थित रहें। |
| वृश्चिक वृश्चिक से तृतीय भाव | अनुकूल तीसरे भाव में शनि लगातार प्रयास का पुरस्कार देता है। साहस, स्थिरता और मेहनत से लाभ बढ़ते हैं। |
| धनु धनु से द्वितीय भाव | चुनौतीपूर्ण दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) आर्थिक और पारिवारिक मामलों में तंगी लाता है। सोच-समझकर बचत करें और विनम्रता से बोलें। |
| मकर मकर से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी अपनी राशि में शनि (साढ़ेसाती का चरम) अनुशासन और धैर्य माँगता है। स्वास्थ्य, काम के बोझ और ज़िम्मेदारियों पर लगातार ध्यान देना ज़रूरी है। |
| कुंभ कुंभ से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें। |
| मीन मीन से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में शनि फलदायी समय है — स्थिर लाभ, पहचान और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पूर्ति। |
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2022 में शनि कब राशि बदलता है?
कुंभ में प्रवेश: 29 अप्रैल 2022, 07:50; मकर में प्रवेश: 12 जुल॰ 2022, 14:49
क्या 2022 में शनि वक्री होगा?
कुंभ में वक्री: 5 जून 2022; मकर में मार्गी: 23 अक्टूबर 2022