शनि गोचर 2036
2036 में शनि कब राशि बदलता है, कब वक्री और कब मार्गी होता है, और हर चंद्र राशि के लिए इसके गोचर का शास्त्रीय फल। समय भारतीय मानक समय (IST) में है।
1 जनवरी 2036 को शनि कर्क में है।
2036 में राशि परिवर्तन · वक्री और मार्गी
| तारीख और समय (IST) | घटना |
|---|---|
| 13 अप्रैल 2036, 04:30 | कर्क में मार्गी |
| 27 अग॰ 2036, 20:24 | सिंह में प्रवेश |
| 13 दिस॰ 2036, 08:15 | सिंह में वक्री |
हर चंद्र राशि पर प्रभाव
आपकी चंद्र राशि से गिनकर, फलदीपिका के शास्त्रीय गोचर फल के अनुसार। अपनी चंद्र राशि चंद्र राशि कैलकुलेटर से जानें।
जब तक शनि कर्क में है (1 जन॰ 2036 – 27 अग॰ 2036)
| मेष मेष से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में शनि (कंटक शनि) घर, संपत्ति या माता के स्वास्थ्य को लेकर बोझ लाता है। शांत और व्यवस्थित रहें। |
| वृषभ वृषभ से तृतीय भाव | अनुकूल तीसरे भाव में शनि लगातार प्रयास का पुरस्कार देता है। साहस, स्थिरता और मेहनत से लाभ बढ़ते हैं। |
| मिथुन मिथुन से द्वितीय भाव | चुनौतीपूर्ण दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) आर्थिक और पारिवारिक मामलों में तंगी लाता है। सोच-समझकर बचत करें और विनम्रता से बोलें। |
| कर्क कर्क से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी अपनी राशि में शनि (साढ़ेसाती का चरम) अनुशासन और धैर्य माँगता है। स्वास्थ्य, काम के बोझ और ज़िम्मेदारियों पर लगातार ध्यान देना ज़रूरी है। |
| सिंह सिंह से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें। |
| कन्या कन्या से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में शनि फलदायी समय है — स्थिर लाभ, पहचान और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पूर्ति। |
| तुला तुला से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में शनि (कंटक शनि) कार्यस्थल पर भारी ज़िम्मेदारी लाता है। अभी की गई लगन स्थायी प्रतिष्ठा बनाती है। |
| वृश्चिक वृश्चिक से नवम भाव | चुनौतीपूर्ण नवम भाव में शनि भाग्य और बड़ों के सहयोग में देरी कर सकता है। फल संयोग से नहीं, लगन से मिलते हैं। |
| धनु धनु से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए परीक्षा का समय है। शॉर्टकट और जोखिम भरे कामों से बचें। |
| मकर मकर से सप्तम भाव | चुनौतीपूर्ण सातवें भाव में शनि विवाह और साझेदारी में तनाव तथा थकाने वाली यात्राएँ ला सकता है। प्रतिबद्धता और धैर्य से मदद मिलती है। |
| कुंभ कुंभ से षष्ठ भाव | अनुकूल छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है। |
| मीन मीन से पंचम भाव | चुनौतीपूर्ण पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है। |
जब तक शनि सिंह में है (27 अग॰ 2036 – 31 दिस॰ 2036)
| मेष मेष से पंचम भाव | चुनौतीपूर्ण पाँचवें भाव में शनि संतान या पढ़ाई को लेकर चिंता और निर्णय लेने में धीमापन ला सकता है। |
| वृषभ वृषभ से चतुर्थ भाव | चुनौतीपूर्ण चौथे भाव में शनि (कंटक शनि) घर, संपत्ति या माता के स्वास्थ्य को लेकर बोझ लाता है। शांत और व्यवस्थित रहें। |
| मिथुन मिथुन से तृतीय भाव | अनुकूल तीसरे भाव में शनि लगातार प्रयास का पुरस्कार देता है। साहस, स्थिरता और मेहनत से लाभ बढ़ते हैं। |
| कर्क कर्क से द्वितीय भाव | चुनौतीपूर्ण दूसरे भाव में शनि (साढ़ेसाती का अंतिम चरण) आर्थिक और पारिवारिक मामलों में तंगी लाता है। सोच-समझकर बचत करें और विनम्रता से बोलें। |
| सिंह सिंह से प्रथम भाव | चुनौतीपूर्ण आपकी अपनी राशि में शनि (साढ़ेसाती का चरम) अनुशासन और धैर्य माँगता है। स्वास्थ्य, काम के बोझ और ज़िम्मेदारियों पर लगातार ध्यान देना ज़रूरी है। |
| कन्या कन्या से द्वादश भाव | चुनौतीपूर्ण द्वादश भाव में शनि से साढ़ेसाती शुरू होती है — खर्च, नींद और अकेलेपन पर ध्यान दें। पहले से योजना बनाएँ और जीवन को सरल रखें। |
| तुला तुला से एकादश भाव | अनुकूल एकादश भाव में शनि फलदायी समय है — स्थिर लाभ, पहचान और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पूर्ति। |
| वृश्चिक वृश्चिक से दशम भाव | चुनौतीपूर्ण दशम भाव में शनि (कंटक शनि) कार्यस्थल पर भारी ज़िम्मेदारी लाता है। अभी की गई लगन स्थायी प्रतिष्ठा बनाती है। |
| धनु धनु से नवम भाव | चुनौतीपूर्ण नवम भाव में शनि भाग्य और बड़ों के सहयोग में देरी कर सकता है। फल संयोग से नहीं, लगन से मिलते हैं। |
| मकर मकर से अष्टम भाव | चुनौतीपूर्ण आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए परीक्षा का समय है। शॉर्टकट और जोखिम भरे कामों से बचें। |
| कुंभ कुंभ से सप्तम भाव | चुनौतीपूर्ण सातवें भाव में शनि विवाह और साझेदारी में तनाव तथा थकाने वाली यात्राएँ ला सकता है। प्रतिबद्धता और धैर्य से मदद मिलती है। |
| मीन मीन से षष्ठ भाव | अनुकूल छठे भाव में शनि निरंतर प्रयास से शत्रुओं, रोग और ऋण पर विजय पाने में मदद करता है। |
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2036 में शनि कब राशि बदलता है?
सिंह में प्रवेश: 27 अग॰ 2036, 20:24
क्या 2036 में शनि वक्री होगा?
कर्क में मार्गी: 13 अप्रैल 2036; सिंह में वक्री: 13 दिसंबर 2036